फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Number of pyres increased in Shringverpurdham jam for cremation in prayagraj

प्रयागराज: श्रृंग्वेरपुरधाम में बढ़ी चिताओं की संख्या, शवदाह के लिए लगा जाम; लकड़ी व अन्य सामग्री की किल्लत

Sat, 01 Jun 2024 04:46 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: श्याम जी. Updated Sat, 01 Jun 2024 04:46 PM IST
सार

प्रयागराज के श्रृंग्वेरपुरधाम के शमशान घाट पर जलने वाली चिताओं की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गई है। साधारण तौर पर लगभग तीस चिताएं श्मशान घाट पर जलाई जाती हैं। वहीं, पिछले तीन दिनों मे चिताओं का महाजाम लग गया। 
 

विज्ञापन
Number of pyres increased in Shringverpurdham jam for cremation in prayagraj
शवदाह के लिए करना पड़ रहा इंतजार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रृंग्वेरपुरधाम अध्यात्म और मोक्ष की भूमि है। एक तरफ श्रीरामघाट पर पूजा आराधना तो दूसरी तरफ श्मशान घाट पर मोक्ष के लिये चिताओं का अंतिम संस्कार किया जाता है। कोरोना काल मे शवों को दफन किये जाने के बाद श्रृंग्वेरपुरधाम का शमशान घाट चर्चा में रहा। वहीं, पिछले तीन दिनों से श्रृंग्वेरपुरधाम के शमशान घाट पर जलने वाली चिताओं की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गई है। साधारण तौर पर लगभग तीस चिताएं श्मशान घाट पर जलाई जाती हैं। वहीं, पिछले तीन दिनों मे चिताओं का महाजाम लग गया। 29 मई को 110, 30 मई को 95 और 31 मई को 135 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। पिछले तीन दिनों मे चिताओं के बढ़ने के कारण लकड़ियों और स्थानीय सामग्री की किल्लत देखी गईं। 

विज्ञापन


शमशान घाट पर खड़े होने का स्थान नहीं मिल रहा था। श्रृंग्वेरपुरधाम के श्रीरामघाट की सड़कें जाम से भरी रहीं। स्थानीय दुकानों और होटलों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शुक्रवार रात 11 बजे तक चिताएं जलती रहीं। ज्यादातर चिताएं बुजुर्ग और महिलाओं की रहीं, जिसमें प्रतापगढ़ क्षेत्र से ज्यादा चिताएं शमशान घाट पहुंची। प्रति पांच से दस मिनट मे शव यात्राएं श्रृंग्वेरपुरधाम से गुजरती रहीं। स्थानीय ग्रामीण देखकर हैरान रहा गए। बताया जा रहा है कि इसमें कई विक्षिप्त तरह के लोगो की चिताएं भी जलाई गईं है। जिनकी भीषण गर्मी और लू लगने के कारण मौते हुई है। यदि गिनती करने बैठा जाए तो चार से पांच दिनों मे 6 गुना से ज्यादा चिताएं जलाई गईं हैं।
विज्ञापन


दुकानों मे जमकर बिकी कोल्ड ड्रिंक  और पानी की बोतलें
श्रृंग्वेरपुरधाम मे आम दिनों से हटकर पिछले कई दिनों मे पानी की बोतलें और कोल्ड ड्रिंक की बिक्री तेजी से हुई है। शुक्रवार क़ो आलम यह था कि स्थानीय दुकानों मे पानी और कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलें ही समाप्त हो गईं। स्थानीय ग्रामीणों ने पानी का पाउच बनाकर पानी बेचा। श्रृंग्वेरपुरधाम की सड़कों में पानी की और कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों के अपशिष्ट बिखरे रहे। शमशान घाट पर चारों तरफ जली हुई लकड़ी ही दिखाई पड़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शौचालय और पानी की व्यवस्था न होने से उठानी पड़ी दिक्कतें
श्रृंग्वेरपुरधाम मे लाखों की लागत से पर्यटन विभाग द्वारा शौचालय का निर्माण कराया गया है। निर्माण कराये गए तीन साल बीत गए, लेकिन ताला अभी तक नहीं खुला है। श्रृंग्वेरपुर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने बताया कि श्रृंग्वेरपुरधाम मे लाखों रुपये साफ-सफाई पर खर्च किये गए, लेकिन गंदगी बनी हुई है। पेयजल की कोई व्यवस्था न होने से अंतिम संस्कार मे आए ग्रामीणों क़ो पानी के लिये भटकना पड़ा।

पैंतीस से चालीस शवों को किया गया दफन
श्रृंग्वेरपुरधाम मे पिछले तीन दिनों मे शवो क़ो गंगा तट पर दफनाया गया। जिसमे सीताकुण्ड घाट, भैरव घाट, गऊ घाट, और विद्यार्थी घाट के पास शवो क़ो दफनाया गया है। अभी तक गंगा किनारे दफनाये जा रहे शवो क़ो लेकर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।


एसडीएम सोरांव से श्रृंग्वेरपुरधाम मे पिछले तीन दिनों मे बढ़ी हुई चिताओं के जलाये जाने के संबंध मे बात की गई है। उनसे बताया गया कि किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है तो एसडीएम गणेश कनौजिया ने कहा की यह वहां के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी है। बीडीओ से इस संबंध मे बात करें। बीडीओ लीलाधर शुक्ल से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और पानी के टैंकर की व्यवस्था करा दी जाएगी, जिससे दिक्कतें न हों।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed