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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Now the world is asking how crowd management was done, organizing Mahakumbh became a subject of research.

सीएम योगी बोले : अब दुनिया पूछ रही कैसे किया भीड़ प्रबंधन, महाकुंभ का आयोजन बना शोध का विषय

Thu, 27 Feb 2025 09:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 27 Feb 2025 09:16 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन नया शोध का विषय बन गया है। मेरे पास राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से पत्र आ रहे हैं कि क्राउड मैनेजमेंट कैसे किया?

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Now the world is asking how crowd management was done, organizing Mahakumbh became a subject of research.
सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ का आयोजन नया शोध का विषय बन गया है। मेरे पास राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से पत्र आ रहे हैं कि क्राउड मैनेजमेंट कैसे किया? आस्था और आर्थिकी का समन्वय कैसे हो सकता है, इस पर एक घंटे का टॉक शो कीजिए।

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डिजिटल मीडिया सेंटर में मीडिया कर्मियों से संवाद के दौरान सीएम योगी ने महाकुंभ को वैश्विक इवेंट बनाने में उनके योगदान की सराहना की। कहा, 45 दिनों में 100 देशों के प्रतिनिधियों का आगमन प्रयागराज में हुआ। इसमें 74 देशों के एंबेसडर और हाई कमिश्नर यहां आए। 12 देशों के मंत्री या राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे। अन्य देशों से श्रद्धालु भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।

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सीएम ने कहा, मैं देख रहा था कि दिन हो या रात, सुबह हो या शाम, शीतलहर हो या भीषण धूप, लेकिन अनवरत रूप से कोई चल रहा था तो वह गंगा की धारा थी या फिर मीडिया। दरअसल, महाकुंभ को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। श्रद्धालुओं को लाने में विभागों-संस्थाओं ने काम किया, लेकिन एक-एक घटना को लाइव दिखाने और उसे सकारात्मक रूप से जनता तक पहुंचाने का काम मीडिया ने किया।
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योगी ने कहा, प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की भरपूर संभावनाएं हैं। बीते वर्ष उत्तर प्रदेश में कुल 65 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक विभिन्न तीर्थ स्थलों पर आए थे। लेकिन, अकेले प्रयागराज में 45 दिनों में 66.30 करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु आ चुके हैं। यानी, नए-नए रिकॉर्ड बनते दिखाई दे रहे हैं। प्रयागराज ने यूपी में पांच धार्मिक पर्यटन के रूट बनाए हैं।

एक, प्रयागराज से मिर्जापुर और काशी का है तो दूसरा प्रयागराज से अयोध्या और गोरखपुर का। तीसरा है, प्रयागराज से लालपुर, राजापुर, चित्रकूट और चौथा प्रयाग से लखनऊ और नैमिषारण्य का। पांचवां रूट प्रयागराज से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से आगरा होते हुए मथुरा-वृंदावन तक पहुंचने का। भविष्य में यहां लोगों के आने की अपार संभावनाएं हैं। संवाद के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई मंत्री-अधिकारी भी मौजूद रहे।

जो भी महाकुंभ आया... अभिभूत होकर गया

सीएम ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए डबल इंजन की सरकार ने करीब 7500 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें 200 से अधिक सड़कों, 14 फ्लाई ओवर, 9 अंडरपास और 12 कॉरिडोर बनाए गए। पहली बार प्रयागराज में कुछ ऐसा देखने को मिला जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता था। अक्षय वट कॉरिडोर, मां सरस्वती कूप कॉरिडोर, पातालपुरी कॉरिडोर, बड़े हनुमानजी कॉरिडोर, महर्षि भारद्वाज कॉरिडोर, नागवासुकि कॉरिडोर, शृंग्वेरपुर कॉरिडोर, द्वादश माधव कॉरिडोर समेत 12 कॉरिडोर विकसित हुए हैं। महाकुंभ आए श्रद्धालुओं को यह अभिभूत कर गया।

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