{"_id":"636560de92c0b3741f59ca21","slug":"now-cheating-villagers-in-the-name-of-fake-number-plate-dpro-lodged-fir","type":"story","status":"publish","title_hn":"नया तरीका : अब फर्जी नबंर प्लेट के नाम पर ग्रामीणों से कर रहे ठगी, डीपीआरओ ने दर्ज कराई एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नया तरीका : अब फर्जी नबंर प्लेट के नाम पर ग्रामीणों से कर रहे ठगी, डीपीआरओ ने दर्ज कराई एफआईआर
Sat, 05 Nov 2022 06:29 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 05 Nov 2022 06:29 AM IST
सार
फर्जीवाड़ा करने वाले समिति के सचिव केके पटेल का दावा था कि इसके लिए डीपीआरओ की ओर से समिति को अधिकृत किया गया है। इस बाबत सचिव ने एक पत्र भी जारी किया था, जिस पर डीपीआरओ समेत अन्य अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर थे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जालसाजों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। घरों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ग्रामीणों को ठगे जाने का मामला सामने आया है। जालसाज ने डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र भी जारी कर दिया था। डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा की ओर से कर्नलगंज थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। प्रभात सेवा कल्याण समिति की ओर से 40 रुपये लेकर ग्रामीणों के घरों पर नंबर प्लेट लगाई जा रही थी। इस प्लेट पर राष्ट्रीय कार्यक्रम, एड्स, शौचालय से संबंधित योजनाओं के प्रतीक चिह्न भी थे।
विज्ञापन
फर्जीवाड़ा करने वाले समिति के सचिव केके पटेल का दावा था कि इसके लिए डीपीआरओ की ओर से समिति को अधिकृत किया गया है। इस बाबत सचिव ने एक पत्र भी जारी किया था, जिस पर डीपीआरओ समेत अन्य अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर थे। इतना ही नहीं, फर्जीवाड़ा करने वाले ग्रामीणों को गुमराह भी करते थे कि यह नंबर प्लेट लगाने वालाें को ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा का कहना है कि वह पत्र फर्जी है। उन्होंने इस तरह का कोई पत्र जारी नहीं किया है। उनका कहना है कि इस तरह का प्रकरण सामने आने के बाद कर्नलगंज थाने मेें तहरीर दिए जाने के अलावा संबंधित अफसरों, एडीओ पंचायत समेत संबंधित लोगों को भी पत्र लिखकर अवगत कराया है। ताकि, इस फर्जीवाड़ा के बारे में जान सकें।
विज्ञापन