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3500 बकाएदारों को नोटिस, 50 की होगी कुर्की

Tue, 03 Dec 2019 12:54 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 12:54 AM IST
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Notice to 3500 defaulters, 50 building owners will be attached
प्रयागराज। नगर निगम ने एक लाख रुपये से अधिक बकाया गृहकर वसूलने के लिए करीब 3500 लोगों को नोटिस जारी किया है। शहर के 50 बड़े बकाएदारों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करने की तैयारी है। उन्हें लाल नोटिस जारी किया गया है। कुर्की नोटिस से बकाएदारों में हड़कंप मचा है। नगर आयुक्त ने कम वसूली पर सात टैक्स इंस्पेक्टरों को निलंबन की चेतावनी दी है।
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नगर निगम को इस वर्ष गृहकर के मद में 66 करोड़ रुपये वसूल करना है। लक्ष्य के अतिरिक्त गृहकर के मद में करीब एक अरब बकाया है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद भी बकाएदार कर जमा करने को सामने नहीं आ रहे हैं। वित्तीय संकट से जूझ रहे निगम को टैक्स का सहारा है। इसलिए एक लाख से अधिक के करीब साढ़े तीन हजार बकाएदारों को वसूली का नोटिस जारी किया गया है। वहीं हर जोन से दस यानी पांच जोनों के 50 बकाएदारों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करने की तैयारी की गई है। ऐसे बकाएदारों की सूची जोनल अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है।
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नगर आयुक्त रवि रंजन ने सोमवार को टैक्स और लाइसेंस विभाग की समीक्षा बैठक में बकाया गृहकर की वसूली वहीं कम वसूली पर नाराजगी जताई। बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा ने जानकारी दी कि बकाएदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। नगर आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि बड़े बकाएदारों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करें। समीक्षा बैठक में कड़े तेवर दिखाते हुए नगर आयुक्त ने सात टैक्स इंस्पेक्टरों को निलंबन की चेतावनी दी। 15 दिन बाद होने वाली बैठक में लक्ष्य के अनुरूप कार्रवाई न करने वाले इंस्पेक्टरों के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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एनसीजेडसीसी ने भी मांगी गृहकर में राहत
आनंद भवन के बाद अब उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के निदेशक ने नगर निगम को गृहकर बकाया वसूली के नोटिस का जवाब देते हुए गृहकर में राहत मांगी है। महापौर को दिए गए पत्र में उन्होेंने लिखा है कि संस्थान केंद्र सरकार के अधीन है। इसके लिए राज्य सरकार ने भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराई है। लिहाजा संस्थान को गृहकर मुक्त किया जाए। ऐसा संभव न हो तो न्यूनतम शुल्क ही आरोपित किया जाए ताकी उसका भुगतान किया जा सके। इस संबंध में शासन के अपर मुख्य सचिव, कमिश्नर और नगर आयुक्त को भी पत्र भेजे गए हैं।
एनसीजेडसीसी पर गृहकर के मद में 2.17 करोड़ रुपये बकाया है। इस संबंध में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की ओर से उन्हें वसूली का नोटिस जारी किया गया था। आंकड़ों के मुताबिक सांस्कृतिक केंद्र आनंद भवन के बाद अनावासीय भवनों की श्रेणी का दूसरा बड़ा बकाएदार है।

एनसीजेडसीसी के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने महापौर अभिलाषा गुप्ता को गृहकर माफी संबंधी पत्र दिया है। इसमें कहा गया है कि संस्थान लोक कलाओं के संरक्षण और विकास के सरकारी कार्यक्रमों, प्रदर्शनी आदि सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन करता है। इसलिए वार्षिक मूल्यांकन न्यूनतम किया जाए और बकाया धनराशि माफ की जाए। महापौर ने पत्र को मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा को नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा है। फिलहाल सांस्कृतिक केंद्र में संचालित गतिविधियों को देखकर गृहकर में राहत का मामला पेच फंसा सकता है।
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