प्रत्याशियों की ही नहीं, कई दिग्गजों की भी है आज परीक्षा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Updated Sun, 12 May 2019 01:00 AM IST
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : amar ujala
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इलाहाबाद और फूलपुर लोकसभा क्षेत्र के चुनाव में प्रत्याशियों की ही नहीं, कई दिग्गजों की भी कठिन परीक्षा होगी। वे सीधे तौर पर तो मैदान में नहीं हैं लेकिन इस चुनाव के नतीजे उनका सियासी कद तय करेंगे। खास यह कि  इनमें से कई के बेटे या पत्नी अपने-अपने दल से टिकट के दावेदारों में भी शामिल रहे। ऐसे में इस चुनाव में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
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2014 के चुनाव में फूलपुर से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रिकार्ड मतों से जीते थे। ऐसे में इस सीट से उनकी सीधी प्रतिष्ठा जुड़ी गई है। उनके इस्तीफा के बाद पिछले साल हुए उपचुनाव में भाजपा के कौशलेंद्र पटेल हार गए थे। ऐसे में उनके सामने चुनौती और बढ़ गई है। केशव के बेटे योगेंद्र मौर्य भाजपा से टिकट के दावेदारों में शामिल रहे।
माना जा रहा है कि परिवारवाद के आरोप से बचने के लिए भाजपा ने बेटे के बजाय केशरी देवी पटेल को टिकट दिया लेकिन यह परिवार भी केशव के काफी नजदीक है। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल की पत्नी महापौर अभिलाषा भी इलाहाबाद सीट से भाजपा से टिकट के दावेदारों में शामिल रहीं लेकिन कई सियासी समीकरण के चलते वह पीछे रह गईं। हालांकि, पार्टी में नंदी के महत्व को इससे ही समझा जा सकता है कि प्रधानमंत्री के चुनावी सभा के वह संयोजक रहे। ऐसे में खासतौर पर शहर दक्षिणी में मजबूत पकड़ रखने वाले नंदी के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। सपा के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह इलाहाबाद से दो बार सांसद रहे हैं। उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी को हराया था। इसलिए सपा में यह सीट रेवती रमण की मानी जाती है।
रेवती के अलावा उनके पुत्र विधायक उज्ज्वल रमण सिंह सपा से टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल रहे। आखिरी क्षण में राजेंद्र पटेल को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन खासतौर पर करछना तथा अन्य ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में रेवती रमण के नाम पर ही चुनाव लड़ा जा रहा है। इस चुनाव के नतीजे पर करवरिया परिवार की सियासी धमक भी काफी हद टिकी है। पूर्व सांसद कपिल मुनि, पूर्व विधायक उदयभान तथा पूर्व एमएलसी सूरजभान तीनों भाई जेल में हैं लेकिन यहां की दोनों सीट के खास वर्ग में इनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उनके पकड़ को इससे भी समझा जा सकता है कि उदयभान की पत्नी नीलम करवरिया मेजा से विधायक हैं। ऐसे में इस चुनाव में इस परिवार की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। इनके अलावा कई अन्य नेता भी हैं जिनका सियासी सफर यह चुनाव तय करेगा।
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