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न फिलिंग स्टेशन का पता, न किट का
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 11 Aug 2016 02:00 AM IST
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सीएनजी
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इलाहाबाद में टैंपो, ऑटो और बसों को सीएनजी से चलाने का फैसला हो गया है। संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने 10 अक्तूबर से इसे लागू करने का फरमान जारी कर दिया है। इसके लिए शहर में छह सीएनजी पंप लगाए जाने हैं, लेकिन अभी तैयार एक भी नहीं है। इसके बाद 3872 टैंपों और ऑटो रिक्शा तथा 1096 सार्वजनिक एवं स्कूल बसों में डीजल-पेट्रोल के स्थान पर सीएनजी किट लगवानी होगी। प्राधिकरण के फैसले के तहत यह काम अगले दो माह में पूरे होने हैं। बड़ा सवाल यह है कि जब अभी शहर में एक भी सीएनजी फिलिंग स्टेशन चालू नहीं है, न ही यह तय हुआ है कि सीएनजी किट कहां और कैसे लगेगी तो सीएनजी वाहनों का संचालन कैसे शुरू होगा।
संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय से शहर में 1898 टैंपो विक्रम, 1974 ऑटो रिक्शा के संचालन का परमिट है। इसी तरह जेएनएनयूआरएम एवं निजी बसों की संख्या 147 एवं 949 स्कूल बसें हैं। इन वाहनों की कुल संख्या 4968 है। इन वाहनों को सीएनजी उपलब्ध कराने के लिए इंडियन ऑयल और अडानी ग्रुप को मिलकर कुल छह फिलिंग स्टेशन बनाने हैं। इनमें से सिविल लाइंस में दो, फाफामऊ, झूंसी अंदावा मोड़, नैनी और बमरौली में एक-एक सीएनजी फिलिंग स्टेशन बनना है। अगर 10 अक्तूबर से सीएनजी से गाड़ियां चलाना अनिवार्य किया गया है तो इसके लिए फिलिंग स्टेशन अब तक चालू हो जाने चाहिए, ताकि टैंपो, ऑटो, बसों के मालिक गाड़ियों में सीएनजी किट लगवाकर उसका ट्रायल कर सकें।
मंगलवार को मंडलायुक्त राजन शुक्ला की अध्यक्षता संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में इस पर फैसला ले लिया गया, लेकिन तय समय पर लागू हो सकेगा, कहना मुश्किल है। वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब सीएनजी वाहन चलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन हुआ अब तक कुछ नहीं। आरटीओ भीमसेन सिंह का कहना है कि इंडियन ऑयल और अडानी ग्रुप जितनी जल्दी फिलिंग स्टेशन चालू करेंगे, सीएनजी वाहनों को चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय से शहर में 1898 टैंपो विक्रम, 1974 ऑटो रिक्शा के संचालन का परमिट है। इसी तरह जेएनएनयूआरएम एवं निजी बसों की संख्या 147 एवं 949 स्कूल बसें हैं। इन वाहनों की कुल संख्या 4968 है। इन वाहनों को सीएनजी उपलब्ध कराने के लिए इंडियन ऑयल और अडानी ग्रुप को मिलकर कुल छह फिलिंग स्टेशन बनाने हैं। इनमें से सिविल लाइंस में दो, फाफामऊ, झूंसी अंदावा मोड़, नैनी और बमरौली में एक-एक सीएनजी फिलिंग स्टेशन बनना है। अगर 10 अक्तूबर से सीएनजी से गाड़ियां चलाना अनिवार्य किया गया है तो इसके लिए फिलिंग स्टेशन अब तक चालू हो जाने चाहिए, ताकि टैंपो, ऑटो, बसों के मालिक गाड़ियों में सीएनजी किट लगवाकर उसका ट्रायल कर सकें।
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मंगलवार को मंडलायुक्त राजन शुक्ला की अध्यक्षता संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में इस पर फैसला ले लिया गया, लेकिन तय समय पर लागू हो सकेगा, कहना मुश्किल है। वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब सीएनजी वाहन चलाने का निर्णय लिया गया, लेकिन हुआ अब तक कुछ नहीं। आरटीओ भीमसेन सिंह का कहना है कि इंडियन ऑयल और अडानी ग्रुप जितनी जल्दी फिलिंग स्टेशन चालू करेंगे, सीएनजी वाहनों को चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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