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स्मृति ईरानी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले प्रोफेसर को राहत नहीं

Wed, 26 May 2021 07:34 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 26 May 2021 07:34 PM IST
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No relief to professor who put objectionable post against Smriti Irani
ममता बनर्जी पर बरसीं स्मृति ईरानी - फोटो : ANI

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी को लेकर सोशल मीडिया में सामुदायिक घृणा फैलाने वाली पोस्ट करने के आरोपी डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर डॉक्टर शहरयार अली को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है और कहा है कि कोर्ट में समर्पण कर नियमित जमानत अर्जी दाखिल करने पर उसे यथाशीघ्र तय किया जाए।

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कोर्ट ने कहा कि एक प्रोफेसर ,जो इतिहास विभाग का विभागाध्यक्ष है, उसे समुदायों के बीच घृणा फैलाने वाले आचरण के लिए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। इसे अभिव्यक्ति की आजादी नहीं माना जा सकता। याची का यह कहना कि मीडिया एकाउंट हैक हो गया था, विश्वसनीय नहीं है, क्योंकि सह अभियुक्त हुमा कुरैशी ने भी पोस्ट शेयर की है और मीडिया पर एकाउंट हैक होने व माफी मांगने की पोस्ट नहीं है। एकाउंट अभी भी याची चला रहा है। कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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अर्जी का एजीए शशि शेखर तिवारी ने विरोध किया और कहा जिला मंत्री बीजेपी ने मंत्री के खिलाफ पोस्ट को लेकर फिरोजाबाद के रामगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एक प्रोफेसर से ऐसी पोस्ट करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती। समुदायों के बीच घृणा फैलाने की कोशिश क्षम्य नहीं है। वह अग्रिम जमानत पाने के हकदार नहीं हैं।

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