Prayagraj : पड़ोसी ने ही किया था कत्ल, दोस्त भी था साथ, आरपीएफ दरोगा की पत्नी की हत्या का मामला
आरोपियों के कब्जे से गहने व नकदी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि घटना वाले दिन पुष्पा ने घनश्याम को पूजा-पाठ के लिए बुलाया था। रात में वह अपने दोस्त को लेकर पहुंचा था।
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धूमनगंज में आरपीएफ दरोगा की पत्नी पुष्पा देवी (48) की मौत की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई। हत्या पड़ोसी घनश्याम दुबे ने ही अंजाम दी थी। इसमें उसका एक दोस्त शिवपूजन भी शामिल था। इसके बाद गहने व नकदी लेकर भाग निकले थे।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से गहने व नकदी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि घटना वाले दिन पुष्पा ने घनश्याम को पूजा-पाठ के लिए बुलाया था। रात में वह अपने दोस्त को लेकर पहुंचा था। वहां मौका पाकर दोनों ने दुपट्टे से उसका गला कस दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद नकदी व गहने लेकर भाग निकले थे।
यह भी बताया कि उसने मृतका को उसके परिवार की एक महिला की बीमारी से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया था। कहा था कि पूजा पाठ के जरिए यह बाधा दूर हो जाएगी। इसके बाद ही पुष्पा उसकी बातों में आ गई और उसे रात में घर बुलाया। धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि जांच की जा रही है।
12 लाख की चोरी, लूट न लगी चोरी की धारा
दरअसल, वादी दरोगा की ओर से नौ लाख के गहने व 2.90 लाख की नकदी गायब होने की बात तहरीर में लिखकर दी गई है। इसके बावजूद पुलिस ने केवल हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इसमें लूटपाट या चोरी की धारा ही नहीं लगाई गई। ऐसा क्यों किया गया, इस बाबत कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
हिरासत में लिए गए पड़ोसी और उसकी पत्नी के बयान में अंतर, गहराया शक
धूमनगंज में आरपीएफ दरोगा की पत्नी पुष्पा देवी (48) की मौत की गुत्थी तीसरे दिन भी उलझी रही। फिलहाल अब तक कि जांच में पुलिस का यही मानना है कि घटना का राज घर के भीतर ही छिपा है। उधर, हिरासत में लिए गए पड़ोसी से पूछताछ मंगलवार को भी जारी रही।
पुलिस ने पड़ोसी की पत्नी से भी पूछताछ की है। पति-पत्नी के बयान में अंतर है और यही वजह है कि पड़ोसी पर शक गहराया है। यह बात भी सामने आई है कि उसकी पत्नी का मृतका से मेलजोल था। वह रोजाना साथ में ही दूध लेने जाया करती थीं। यही नहीं वह उनके घर भी आया जाया करती थी।
इसकी जानकारी पर पुलिस ने जब उसे पति के सामने बैठाकर पूछताछ की तो कुछ ऐसी बातें सामने आईं, जिससे शक गहरा गया। दरअसल, घटना के बाद पड़ोसी गायब हो गया था। उसने इसका जो कारण बताया, इस बारे में जब पूछा गया तो उसकी पत्नी ने जानकारी से इन्कार कर दिया। पति-पत्नी के बयान में अंतर से पड़ोसी अब भी शक के दायरे में है। धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश मौर्य का कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
धूमनगंज पुलिस की कार्रवाई फिर सवालों के घेरे में है। दरअसल, वादी दरोगा की ओर से नौ लाख के गहने व 2.90 लाख की नकदी गायब होने की बात तहरीर में लिखकर दी गई है। इसके बावजूद पुलिस ने केवल हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इसमें लूटपाट या चोरी की धारा ही नहीं लगाई गई। ऐसा क्यों किया गया, इस बाबत कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।