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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   NCR Railway: Trains will run at a speed of 160 km next year, automatic signaling work almost complete

एनसीआर रेलवे : अगले वर्ष 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, ऑटोमेटिक सिगनलिंग का काम लगभग पूरा

Thu, 07 Apr 2022 05:05 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 07 Apr 2022 05:05 AM IST
सार

कोराना काल में रेलवे के आधार भूत संरचना को लेकर किए गए कार्यों का रिजल्ट अब सामने आने लगा है। ट्रेनों के सुगम संचालन के लिए देश भर में रेलवे द्वारा ऑटोमेटिक सिगनलिंग की जा रही है।

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NCR Railway: Trains will run at a speed of 160 km next year, automatic signaling work almost complete
Prayagraj News : ट्रेन। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

सबकुछ ठीक रहा तो अगले वर्ष अप्रैल से दिल्ली-हावड़ा रूट के प्रयागराज मंडल में ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। यहां रेलवे द्वारा की जा रही ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रयागराज मंडल में गाजियाबाद के दादरी से पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के आउटर के बीच सिर्फ सिराथू और फतेहपुर के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का काम रह गया है। यह काम इसी वित्तीय वर्ष में पूरा होने की संभावना है। 

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कोराना काल में रेलवे के आधार भूत संरचना को लेकर किए गए कार्यों का रिजल्ट अब सामने आने लगा है। ट्रेनों के सुगम संचालन के लिए देश भर में रेलवे द्वारा ऑटोमेटिक सिगनलिंग की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 की बात करें तो देश भर में ऑटोमेटिकट सिगनलिंग करने के मामले में उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रयागराज जोन अव्वल रहा। देश भर में पिछले वित्तीय वर्ष में जहां 218 किमी ऑटामेटिक सिग्नलिंग स्थापना का कार्य हुआ तो उसमें 108 किमी का हिस्सा एनसीआर का रहा।
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दरअसल एनसीआर में ही दिल्ली-मुंबई एवं दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग का काफी हिस्सा गुजरता है। पीएम मोदी के मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट के लिए यहां यह कार्य तेजी से चल रहा है। ओवरऑल यह प्रोजेक्ट 2024 तक होना था लेकिन मिशन मोड पर काम करने की वजह से अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक वर्ष अप्रैल से दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी। 

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दीवार बनाने का भी चल रहा है तेजी से काम 
एनसीअर के दोनों ही मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए  रेलवे ट्रैक को तमाम स्थान पर बदलने के साथ ही रेलमार्ग किनारे दीवार बनाने का भी काम तेजी से चल रहा है। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग भी मिशन रफ्तार का ही हिस्सा है।



इसका मुख्य फायदा यह है कि जिस रेल खंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग रहती है, वहां दो स्टेशनों के बीच एक साथ चार से पांच ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इस सिस्टम में लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर के बाद लगातार सिग्नल दिए जाते हैं । उधर, एबसोल्यूट सिग्नलिंग प्रणाली में जब तक एक ट्रेन अगले स्टेशन को पार न कर लें तब तक उसके पीछे वाले स्टेशन से ट्रेन चलाई नहीं जाती।  



ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए सिग्नलिंग और दूरसंचार संबंधी आधारभूत संरचना मामले में लगातार सुधार हो रहा है। इस वित्तीय वर्ष में तकनीकी उन्नयन में निवेश करने वाले सभी क्षेत्रीय रेलों में एनसीआर तकरीबन 317 करोड़ के कुल निवेश से पहले स्थान पर रहा। - डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर

तकनीकी की क्षेत्र में एनसीआर की अन्य उपलब्धियां
जोन के कई स्टेशनों पर 37 नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) को स्थापित किया गया।
जोन में  कुल 395 लेवल क्त्रसॅसिंग गेट इंटरलॉकिंग से कर दिए गए लैस।
कुल 121.3 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल चालू किया गया है।
एनसीआर के  296 स्टेशन पर अब तक उपलब्ध हो चुकी है वाईफाई सेवा

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