नवरात्रि 2023 : पहले दिन पूजी गईं शैलपुत्री, देवी मंदिरों में लगे जयकारे, घरों में हुई कलश स्थापना
चैत्र नवरात्र के पहले दिन बुधवार को भक्तों ने विधिवत मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा अर्चना की। इस दौरान शहर के तमाम देवी मंदिरों में देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घरों में कलश स्थापना के साथ शतचंडी, दुर्गा सप्तशती के पाठ हुए।
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन बुधवार को भक्तों ने विधिवत मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा अर्चना की। इस दौरान शहर के तमाम देवी मंदिरों में देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घरों में कलश स्थापना के साथ शतचंडी, दुर्गा सप्तशती के पाठ हुए। श्रद्धालुओं ने देवी की आरती उतारी। इस दौरान जहां घरों में देवी गीत गाए गए, वहीं मंदिरों में जागरण सहित विशेष पूजा अनुष्ठान हुए।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लगभग तीन वर्ष तक पर्व तथा त्योहार उत्साह से मनाने से वंचित रहे लोगों ने होली के बाद अब चैत्र नवरात्रि 2023 को भी धूमधाम से मनाया। बुधवार को चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। भक्त जन मां शैलपुत्री की अराधना में लीन रहे।
मीरापुर स्थित शक्तिपीठ में त्रिपुर सुंदरी ललिता देवी का बहुरंगी फूलों और आभूषणों से मनोहारी शृंगार किया गया। ललिता देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा तथा महामंत्री धीरज नागर की देखरेख में श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन की व्यवस्था की गई, दोनों के लिए अलग-अलग कतारें लगीं।
शक्तिपीठ परिसर में दर्शन पूजन के अतिरिक्त आहुतियां डालने और दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ करने वालों का भी तांता लगा रहा। शतचंडी और दुर्गासप्तशती पाठ आरंभ हुए। प्रशासन की पहल पर परिसर में आकाशवाणी-दूरदर्शन के कलाकारों की टोली ने देवी गीतों से परिसर को गुंजायमान किया। वहीं शाम को भगवती जागरण के तहत बृजभान एवं साथियों की ओर से ढ़ोल, मजीरा बाजै, ललिता के दरबार में सहित अन्य देवी गीत गूंजे।
शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में नवरात्र के प्रथम दिन भक्तों ने कलश स्थापना कर व्रत दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। यहां सुबह पांच बजे मां की मंगला आरती हुई। आचार्य श्याम जी पाठक एवं सुशील पाठक जी ने बताया कि आज से मां के प्रांगण में अखंड ज्योति के साथ शतचंडी पाठ हुआ। शाम को प्रथम शैलपुत्री के रूप में भगवती मां कल्याणी का भव्य दर्शन भक्तों ने किया। गर्भगृह की भी आकर्षक सजावट हुई। बनारस की जरबेरा साड़ी से मां का सुंदर वस्त्र बनाकर स्वर्ण रजत आभूषणों से उनका श्रृंगार किया गया। अब बृहस्पतिवार को मां ब्रह्मचारिणी के रूप में भक्त मां का दर्शन करेंगे। कटघर स्थित समया माई मंदिर पट खुलने के बाद पूजन और शाम को शृंगार दर्शन को श्रद्धालु जुटे।
चौक गंगादास स्थित शक्ति स्वरूपा खेमामाई मंदिर में कंचन मालवीय की देखरेख में नवदुर्गा स्वरूप में विविध फूलों और आभूषणों से मनोहारी श्रृंगार किया गया। परिसर में महिलाओं की मंडली की ओर से विविधतापूर्ण देवी भजन प्रस्तुत किए गए। मुट्ठीगंज स्थित कालीबाड़ी, कर्नलगंज व कटरा कालीबाड़ी सहित देवी के विभिन्न मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, शतचंडी के पाठ हुए।
अलोपी देवी मंदिर में भी चैत्र नवरात्रि के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। यहां मां के दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों की सुबह लंबी लाइन भी लग गई। उधर घरों में लोगों ने सुबह मुहुर्त के हिसाब से कलश स्थापना की। बाजार में भी माला फूल की अच्छी बिक्री हुई।