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नरेंद्रगिरी मौत मामला: आनंद से सीबीआई ने वीडियो, ब्लैकमेलिंग, मठ के विवाद आदि के बारे में पूछे सवाल
Tue, 28 Sep 2021 11:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 28 Sep 2021 11:09 PM IST
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मंहत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आनंदगिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी काो सीबीआई रिमांड पर पुलिस लाइन लेकर आई।
- फोटो : prayagraj
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सीबीआई से पूछताछ के दौरान आनंद गिरि की आंखों से आंसू निकल आए। सीबीआई के सख्त सवालों का जवाब देते देते आनंद गिरि कई बार रोया। वह बार बार यही कहता रहा कि उसके पास ऐसा कोई वीडियो नहीं है। न ही उसने अपने गुरु को कभी ब्लैकमेल किया। आनंद से मठ से जुड़े विवाद और नरेंद्र गिरि से खराब संबंधों के बारे में सीबीआई अफसरों को तफसील से जानकारी दी। सीबीआई ने तीनों आरोपियों खासकर आनंद गिरि के लिए प्रश्नावली तैयार की थी।
पुलिस लाइन ले जाने के बाद आनंद को सबसे अलग बिठाया और अफसरों की टीम ने एक के बाद के प्रश्नों की बौछार कर दी। और सवालों का तो आनंद जवाब दे रहा था लेकिन ब्लैकमेलिंग और महिला के साथ वीडियो बनाने वाली बात से आनंद लगातार इनकार करता रहा। जब सीबीआई ने सख्ती की तो आनंद की आंखों में आंसू आ गए। उसने बताया कि पुलिस को उसने अपने मोबाइल और लैपटॉप दे दिए हैं। उसमें कुछ भी नहीं मिला।
पूछा गया कि क्या वह कोई और भी मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं। आनंद से घर वालों, नजदीकी दोस्तों और मठ से उनके करीबियों के बारे में भी पूछताछ की गई। सीबीआई ने आनंद से कहा कि वह पहले मठ से जुड़ने महंत नरेंद्र गिरि का करीबी बनने की कहानी बताए। आनंद ने अपने साधु बनने से लेकर निरंजनी अखाड़े से जुड़ने फिर महंत नरेंद्र गिरि के संपर्क में आकर लेटे हनुमान मंदिर में ‘छोटे महाराज’ बनने की पूरी कहानी सुनाई।
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इसके बाद मठ में जमीन बेचने से लेकर छोटे बड़े सभी विवादों के बारे में सीबीआई ने पूछताछ की। महंत नरेंद्र गिरि से उसके संपर्क बिगड़ने के पीछे आनंद ने कई लोगों का हाथ बताया। आशीष गिरि की हत्या के बाद जांच की मांग करने पर दोनों में बात और बिगड़ी।
दोनों के रिश्ते उस समय सबसे खराब स्तर पर पहुंच गए थे जब नरेंद्र गिरि ने आनंद को मठ और अखाड़े से निष्कासित कर दिया। इसी के बाद आनंद ने नरेंद्र गिरि के खिलाफ धुआंधार बयानबाजी की और एक डांसर पर पैसे लुटाते हुए एक वीडियो भी जारी कर दिया था। आनंद ने बताया कि कैसे बाद में कुछ लोगों के प्रयास से लखनऊ में दोनों में लिखित समझौता हुआ लेकिन गुरुजी ने उसे दोबारा मठ और अखाड़े में प्रवेश नहीं दिलवाया।
सीबीआई के प्रमुख सवाल -क्या उन्होंने कोई कोई वीडियो बनाया है? -क्या वीडियो तैयार करने में और भी लोगों ने उनकी मदद की है? -क्या उन्होंने किसी करीबी से नरेंद्र गिरि को वीडियो के बारे में फोन कराया था? -महंत द्वारा नोट लुटाते जो वीडियो जारी किया था, उसे किसने उन्हें दिया था? -मठ में उनका प्रवेश और तरक्की कैसे हुई? -मठ में जमीन को लेकर क्या क्या विवाद था? -क्या उनके नाम कोई पेट्रोल पंप है, क्या वह मठ की जमीन पर खोलना था? -जब उन्हें अखाड़े-मठ से निकाला गया तो उनकी बयानबाजी के पीछे क्या सच्चाई थी? -लखनऊ में हुए समझौते के पीछे क्या कोई डील हुई थी? -महंत की मौत की खबर उन्हें किसने और कब दी?
सीबीआई के प्रमुख सवाल
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पुलिस लाइन ले जाने के बाद आनंद को सबसे अलग बिठाया और अफसरों की टीम ने एक के बाद के प्रश्नों की बौछार कर दी। और सवालों का तो आनंद जवाब दे रहा था लेकिन ब्लैकमेलिंग और महिला के साथ वीडियो बनाने वाली बात से आनंद लगातार इनकार करता रहा। जब सीबीआई ने सख्ती की तो आनंद की आंखों में आंसू आ गए। उसने बताया कि पुलिस को उसने अपने मोबाइल और लैपटॉप दे दिए हैं। उसमें कुछ भी नहीं मिला।
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पूछा गया कि क्या वह कोई और भी मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं। आनंद से घर वालों, नजदीकी दोस्तों और मठ से उनके करीबियों के बारे में भी पूछताछ की गई। सीबीआई ने आनंद से कहा कि वह पहले मठ से जुड़ने महंत नरेंद्र गिरि का करीबी बनने की कहानी बताए। आनंद ने अपने साधु बनने से लेकर निरंजनी अखाड़े से जुड़ने फिर महंत नरेंद्र गिरि के संपर्क में आकर लेटे हनुमान मंदिर में ‘छोटे महाराज’ बनने की पूरी कहानी सुनाई।
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इसके बाद मठ में जमीन बेचने से लेकर छोटे बड़े सभी विवादों के बारे में सीबीआई ने पूछताछ की। महंत नरेंद्र गिरि से उसके संपर्क बिगड़ने के पीछे आनंद ने कई लोगों का हाथ बताया। आशीष गिरि की हत्या के बाद जांच की मांग करने पर दोनों में बात और बिगड़ी।
दोनों के रिश्ते उस समय सबसे खराब स्तर पर पहुंच गए थे जब नरेंद्र गिरि ने आनंद को मठ और अखाड़े से निष्कासित कर दिया। इसी के बाद आनंद ने नरेंद्र गिरि के खिलाफ धुआंधार बयानबाजी की और एक डांसर पर पैसे लुटाते हुए एक वीडियो भी जारी कर दिया था। आनंद ने बताया कि कैसे बाद में कुछ लोगों के प्रयास से लखनऊ में दोनों में लिखित समझौता हुआ लेकिन गुरुजी ने उसे दोबारा मठ और अखाड़े में प्रवेश नहीं दिलवाया।
सीबीआई के प्रमुख सवाल -क्या उन्होंने कोई कोई वीडियो बनाया है? -क्या वीडियो तैयार करने में और भी लोगों ने उनकी मदद की है? -क्या उन्होंने किसी करीबी से नरेंद्र गिरि को वीडियो के बारे में फोन कराया था? -महंत द्वारा नोट लुटाते जो वीडियो जारी किया था, उसे किसने उन्हें दिया था? -मठ में उनका प्रवेश और तरक्की कैसे हुई? -मठ में जमीन को लेकर क्या क्या विवाद था? -क्या उनके नाम कोई पेट्रोल पंप है, क्या वह मठ की जमीन पर खोलना था? -जब उन्हें अखाड़े-मठ से निकाला गया तो उनकी बयानबाजी के पीछे क्या सच्चाई थी? -लखनऊ में हुए समझौते के पीछे क्या कोई डील हुई थी? -महंत की मौत की खबर उन्हें किसने और कब दी?
सीबीआई के प्रमुख सवाल
- क्या उन्होंने कोई कोई वीडियो बनाया है?
- क्या वीडियो तैयार करने में और भी लोगों ने उनकी मदद की है?
- क्या उन्होंने किसी करीबी से नरेंद्र गिरि को वीडियो के बारे में फोन कराया था?
- महंत द्वारा नोट लुटाते जो वीडियो जारी किया था, उसे किसने उन्हें दिया था?
- मठ में उनका प्रवेश और तरक्की कैसे हुई?
- मठ में जमीन को लेकर क्या क्या विवाद था?
- क्या उनके नाम कोई पेट्रोल पंप है, क्या वह मठ की जमीन पर खोलना था?
- जब उन्हें अखाड़े-मठ से निकाला गया तो उनकी बयानबाजी के पीछे क्या सच्चाई थी?
- लखनऊ में हुए समझौते के पीछे क्या कोई डील हुई थी?
- महंत की मौत की खबर उन्हें किसने और कब दी?