ना बैंड बाजा ना शहनाई, दूल्हे ने शादी के मंडप तक खुद कार चलाई
- बाराती के नाम पर सिर्फ दूल्हे की बड़ी बहन हुई शामिल, कोरोना काल की अनूठी शादी बनी औरों के लिए मिसाल
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बाजा न शहनाई। बाराती के नाम पर दूल्हे की बड़ी बहन ही अकेले निकली। ऐसी शादी आपने देखी, सुनी नहीं होगी, जिसमें सिर्फ एक ही बाराती शामिल हो। दूल्हा भी खुद कार चलाकर अपनी शादी के मंडप तक पहुंचा। संगमनगरी में यमुना तट केककरहा घाट पर जलपरी तरुणा निषाद और यतींद्र कश्यप की कोरोना काल की यह अनूठी शादी मिसाल बन गई है। महज तीन वर्ष की उम्र में यमुना नदी पार कर जलपरी का खिताब हासिल करने वाली तरुणा निषाद वाटर स्पोर्ट्स में में अब तक कई उपलब्धियां अपने नाम कर चुकी हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने कई पदक जीते हैं।
कोरोना काल में नियमों का पालन करने की भी इस शादी के जरिये इस जोड़े ने लोगों को सीख दी। दूल्हे ने तो रिश्तेदारों को शादी में कोरोना महामारी का हवाला देकर आने से मना भी किया। यतींद्र ने अपने माता-पिता को भी बारात में शामिल नहीं किया, क्योंकि उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है। यतींद्र खुद कार चलाते हुए मंडप तक गए। साथ में बाराती के नाम पर उनकी बड़ी बहन थीं। सेहरा पहनकर निकले तो उनके साथ उनकी बड़ी बहन थीं। दुल्हन और उनके पिता त्रिभुवन ने मंडप में दूल्हे की अगवानी की। फिर, सादगी से ब्याह रचाया गया।