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विवादों के बीच पूरी हुई मुंडमाल परिक्रमा, अगस्त में होनी थी पूरी
Thu, 24 Jun 2021 12:17 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 24 Jun 2021 12:17 AM IST
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prayagraj news : प्रयागराज पहुंची मुंडमाल गंगा यात्रा के सदस्य संगम तट पर पूजन करते हुए।
- फोटो : prayagraj
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अतुल्य गंगा ट्रस्ट की ओर से आयोजित गंगा नदी की मुंडमाल परिक्रमा बुधवार को ही पूरी हो गई। योजना के अनुसार 16 दिसंबर 2020 को प्रयागराज से शुरू इस यात्रा का समापन अगस्त 2021 में गोमुख तक पहुंचने के बाद होना था लेकिन यात्री गंगोत्री से ही लौट आए। बता दें प्रयागराज से जिन छह पदयात्रियों ने यात्रा आरंभ की थी, उसमें रिटायर्ड कर्नल आरपी पांडे, हीरेन पटेल, इंदु , रोहित उमराव, रोहित जाट और शगुन त्यागी शामिल थे।
मुंडमाल परिक्रमा के सहयात्री फोटोजर्नलिस्ट रोहित उमराव ने बताया कि गंगासागर से वापसी में पदयात्रा जब कासगंज पहुंची वह कोरोना संक्रमित होने पर वहीं अस्पताल में भर्ती हो गए लेकिन बाकी यात्री आगे बढ़ते रहे। जब यात्रा उत्तरकाशी के आगे गंगनानी पहुंची तो नदी के पुल को पार न करने को लेकर पदयात्री और अतुल्य गंगा ट्रस्ट के फाउंडर मेम्बर्स में विवाद हो गया। ट्रस्ट के फाउंडर मेंबर कर्नल मनोज केस्वर और लेफ्टिनेंट कर्नल हेम लोहमी गोमुख न जाकर गंगोत्री से ही लौट आए। उधर, हीरेन पटेल और कर्नल आरपी पांडेय को यात्रा से अलग कर दिया गया।
रोहित ने आरोप लगाया कि यात्रा के शुक्लागंज (उन्नाव) से गुजरने पर जब वह अपना कैमरा, कैमरा चिप, हार्डडिस्क, बैग, रुक्षक, डायरी आदि लेने पहुंचे तो गोपाल शर्मा और लेफ्टिनेंट हेम लोहमी ने वह सामान देने से मना कर दिया। आरोप यह भी कि अतुल्य गंगा के फाउंडर सदस्यों ने पदयात्रा के दौरान सड़क मार्ग का प्रयोग किया और बारी-बारी से अपने-अपने घर भी आते-जाते रहे। वहीं रोहित ने 120 दिन लगातार पैदल चलकर करीब 3600 किलोमीटर की यात्रा तय की।
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मुंडमाल परिक्रमा के सहयात्री फोटोजर्नलिस्ट रोहित उमराव ने बताया कि गंगासागर से वापसी में पदयात्रा जब कासगंज पहुंची वह कोरोना संक्रमित होने पर वहीं अस्पताल में भर्ती हो गए लेकिन बाकी यात्री आगे बढ़ते रहे। जब यात्रा उत्तरकाशी के आगे गंगनानी पहुंची तो नदी के पुल को पार न करने को लेकर पदयात्री और अतुल्य गंगा ट्रस्ट के फाउंडर मेम्बर्स में विवाद हो गया। ट्रस्ट के फाउंडर मेंबर कर्नल मनोज केस्वर और लेफ्टिनेंट कर्नल हेम लोहमी गोमुख न जाकर गंगोत्री से ही लौट आए। उधर, हीरेन पटेल और कर्नल आरपी पांडेय को यात्रा से अलग कर दिया गया।
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रोहित ने आरोप लगाया कि यात्रा के शुक्लागंज (उन्नाव) से गुजरने पर जब वह अपना कैमरा, कैमरा चिप, हार्डडिस्क, बैग, रुक्षक, डायरी आदि लेने पहुंचे तो गोपाल शर्मा और लेफ्टिनेंट हेम लोहमी ने वह सामान देने से मना कर दिया। आरोप यह भी कि अतुल्य गंगा के फाउंडर सदस्यों ने पदयात्रा के दौरान सड़क मार्ग का प्रयोग किया और बारी-बारी से अपने-अपने घर भी आते-जाते रहे। वहीं रोहित ने 120 दिन लगातार पैदल चलकर करीब 3600 किलोमीटर की यात्रा तय की।
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