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सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी सपा विधायक की जमानत याचिका खारिज, भेजे गए जेल
Tue, 04 Jun 2019 04:21 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 04 Jun 2019 04:21 PM IST
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mla manoj paras
- फोटो : फाइल फोटो
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सपा विधायक और पूर्व मंत्री मनोज पारस पर दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने उनकी जमानत नामंजूर कर दी है। मनोज के अलावा इस मामले में आरोपी तीन अन्य की भी जमानत खारिज हो गई है। स्पेशल कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद पूर्व मंत्री ने एक जून को यहां सरेंडर किया था। कोर्ट ने जमानत पर सुनवाई के लिए चार जून की तिथि नियत करते हुए उसी दिन उनको न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया था।
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जमानत अर्जी पर स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने सुनवाई की। अभियोजन की ओर से एसपीओ हरिओंकार सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। मनोज पारस पर आरोप है कि आठ दिसंबर 2006 को उन्होंने जयपाल, अस्सू, कुंवर सैनी के साथ मिलकर एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया।
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पीड़िता की ओर से दाखिल 156(3) की अर्जी पर मजिस्ट्रेट के आदेश से उन पर मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप है कि पूर्व मंत्री ने युवती को सरकारी राशन की दुकान का लाइसेंस दिलाने का प्रलोभन देकर अपने घर बुलाया और वहां अन्य आरोपियों के साथ मिलकर दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी।
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जमानत अर्जी पर बचाव पक्ष का कहना था कि उसे राजनैतिक कारणों से फंसाया गया है। घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। उस पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। अदालत ने जमानत प्रार्थनापत्र खारिज करते हुए कहा कि सामूहिक दुष्कर्म की घटना जघन्य एवं पाशविक है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने का कोई आधार नहीं है।