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Prayagraj News: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने साढ़े चार घंटे जाम रखा हाईवे
Fri, 02 Oct 2026 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Fri, 02 Oct 2026 02:20 AM IST
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फूलपुर में अस्पताल के सामने प्रयागराज जौनपुर राजमार्ग पर शव रखकर चक्का जाम करते ग्रामीण।
- फोटो : Samvad
अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद बृहस्पतिवार को परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने प्रयागराज-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब साढ़े चार घंटे तक हाईवे पर आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की तो परिजनों ने जाम हटाया।
उतरांव के आरा कला गांव निवासी विपिन कुमार ने बताया कि उनकी 24 वर्षीय पत्नी वंदना देवी को बीते 29 सितंबर की दोपहर प्रसव के लिए फूलपुर स्थित डॉ. पाठक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव होने की बात कही थी। बाद में स्थिति को इमरजेंसी बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी गई।
परिजनों के मुताबिक, 30 सितंबर की सुबह करीब नौ बजे प्रसूता का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने प्रसूता की ब्लीडिंग होने की जानकारी देते हुए दोबारा ऑपरेशन की जरूरत बताई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बच्चेदानी निकालने की बात कही और इसके लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
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शाम करीब सात बजे प्रसूता का दोबारा ऑपरेशन किया गया। रात करीब नौ बजे उसे आईसीयू में ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि रात करीब एक बजे चिकित्सकों ने वंदना की मौत की जानकारी दी। जच्चा-बच्चा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
तीन मांगों को लेकर हाईवे पर डटे रहे परिजन
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रयागराज-गोरखपुर हाईवे जाम कर दिया। उनकी प्रमुख मांगों में डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना, परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और 10 बिस्वा आवासीय पट्टा देना शामिल था। परिजनों ने एसडीएम फूलपुर और एसीपी को मांगपत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हटाया शव
एसडीएम ने मांगपत्र को शासनादेश के तहत उचित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद फूलपुर थाने में डॉ. आशुतोष पाठक, डॉ. अंकिता पाठक और डॉ. आरएन पाठक सहित तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद करीब साढ़े चार घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त हुआ और परिजनों ने हाईवे से शव हटा लिया। शाम करीब साढ़े छह बजे शव के पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की गई।
फूलपुर में निजी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत मामले में अस्पताल संचालक समेत तीन डाक्टरो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
- राजकुमार सिंह, एसीपी फूलपुर।
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उतरांव के आरा कला गांव निवासी विपिन कुमार ने बताया कि उनकी 24 वर्षीय पत्नी वंदना देवी को बीते 29 सितंबर की दोपहर प्रसव के लिए फूलपुर स्थित डॉ. पाठक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव होने की बात कही थी। बाद में स्थिति को इमरजेंसी बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी गई।
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परिजनों के मुताबिक, 30 सितंबर की सुबह करीब नौ बजे प्रसूता का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने प्रसूता की ब्लीडिंग होने की जानकारी देते हुए दोबारा ऑपरेशन की जरूरत बताई। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने बच्चेदानी निकालने की बात कही और इसके लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
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शाम करीब सात बजे प्रसूता का दोबारा ऑपरेशन किया गया। रात करीब नौ बजे उसे आईसीयू में ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि रात करीब एक बजे चिकित्सकों ने वंदना की मौत की जानकारी दी। जच्चा-बच्चा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
तीन मांगों को लेकर हाईवे पर डटे रहे परिजन
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रयागराज-गोरखपुर हाईवे जाम कर दिया। उनकी प्रमुख मांगों में डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना, परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और 10 बिस्वा आवासीय पट्टा देना शामिल था। परिजनों ने एसडीएम फूलपुर और एसीपी को मांगपत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हटाया शव
एसडीएम ने मांगपत्र को शासनादेश के तहत उचित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद फूलपुर थाने में डॉ. आशुतोष पाठक, डॉ. अंकिता पाठक और डॉ. आरएन पाठक सहित तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद करीब साढ़े चार घंटे से जारी चक्काजाम समाप्त हुआ और परिजनों ने हाईवे से शव हटा लिया। शाम करीब साढ़े छह बजे शव के पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की गई।
फूलपुर में निजी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत मामले में अस्पताल संचालक समेत तीन डाक्टरो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
- राजकुमार सिंह, एसीपी फूलपुर।

फूलपुर में अस्पताल के सामने प्रयागराज जौनपुर राजमार्ग पर शव रखकर चक्का जाम करते ग्रामीण।- फोटो : Samvad