प्रयागराज : 2300 कुत्तों की नसबंदी में खर्च हुए 25 लाख रुपये से अधिक, एक कुत्ते पर 1100 रुपये आ रही लागत
आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए अभियान शुरू किया गया है। चंडीगढ़ की विशेषज्ञ कंपनी को यह काम दिया गया है। अभियान के तहत कुत्तों को पकड़ने के बाद करेली स्थित डाग बर्थ कंट्रोल सेंटर में लाया जाएगा।
विस्तार
आवारा कुत्तों की नसबंदी एवं टीकाकरण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। अब तक करीब 2300 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। खास यह कि नसबंदी और टीकाकरण में अब तक 25 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं।
आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए अभियान शुरू किया गया है। चंडीगढ़ की विशेषज्ञ कंपनी को यह काम दिया गया है। अभियान के तहत कुत्तों को पकड़ने के बाद करेली स्थित डाग बर्थ कंट्रोल सेंटर में लाया जाएगा। वहां ऑपरेशन तथा टीकाकरण के बाद दो से तीन रखा जाएगा। फिर जहां से उठाया गया है वहीं छोड़ा जाएगा। इसके बदले में कंपनी को प्रति कुत्ता 1100 रुपये दिए जाएंगे। तीन महीने पहले इसकी शुरुआत की गई थी और अब तक 2300 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
वार्डवार होगी नसबंदी
निगम की ओर से वार्डवार कुत्तों के नसबंदी की योजना बनाई गई है। यानी, एक वार्ड में लक्ष्य के अनुरूप कुत्तों का ऑपरेशन एवं टीकाकरण करने के बाद ही दूसरे में अभियान चलेगा। ताकि, उनके प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ कुत्तों की वास्तविक संख्या का भी आंकलन किया जा सके। हालांकि, शिकायतों पर अन्य क्षेत्राें में भी धरपकड़ के साथ नसबंदी की जाएगी। सबसे पहले कटरा वार्ड में अभियान शुरू किया गया है। पशुधन अधिकारी का कहना है कि कटरा में जल्द ही मानक के अनुरूप कुत्तों की नसबंदी कर ली जाएगी।
चार गुना होगी सेंटर की क्षमता
डॉग बर्थ कंट्रोल सेंटर की क्षमता चार गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अभी सेंटर में 20 से 25 कुत्ते ही रखे जा सकते हैं। क्षमता बढ़ने के बाद इसमें 100 कुत्ते रखे जा सकेंगे। इसके लिए अनुमति मिल गई है। एक-डेढ़ महीन में सेंटर में इस बाबत जरूरी इंतजाम कर लिए जाएंगे। इससे नसबंदी की प्रक्रिया में तेजी आएगी।