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एक लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के सामने गैस सब्सिडी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:54 AM IST
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जिले में एक लाख से ज्यादा रसोई गैस उपभोक्ताओं के सामने गैस सब्सिडी का संकट खड़ा हो गया। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश कि अगर गैस सब्सिडी चाहिए तो उपभोक्ता अपने आधार नंबर को बैंक एकाउंट नंबर से लिंक कराएं को लेकर उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। शनिवार को शहर की तमाम गैस एजेंसियों में लोग अपने आधार कार्ड को लेकर पहुंच गए। हालांकि बैंक बंद होने से लोग खासे निराश हुए। बता दें कि जिले में सभी गैस कंपनियों के छह लाख से ज्यादा उपभोक्ता हैं। इसमें एक लाख से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने अपने आधार नंबर को बैंक खाते से लिंक नहीं कराया है।
पीएम मोदी की इस बारे में अपील के बाद से टीवी चैनलों, अखबारों एवं सोशल मीडिया में लगातार लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की जा रही है। सरकार की ओर से कहा गया है कि अगर कोई उपभोक्ता आर्थिक रूप से संपन्न है और बिना सब्सिडी के भी एलपीजी (रसोई गैस) का खर्चा वहन कर सकता है तो वह स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ सकता है। देश भर में अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग स्वेच्छा से एलपीजी की सब्सिडी छोड़ चुके हैं। हालांकि अब भी ढेरों लोग ऐसे है जो संपन्न होने के बावजूद गैस सब्सिडी का मोह नहीं छोड़ रहे हैं। बता दें कि अभी हाल ही में कहा गया था कि रसोई गैस उपभोक्ता जिनकी आय दस लाख रुपये सालाना या इससे ज्यादा है, उन्हें गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। इस दौरान उपभोक्ताओं को घोषणा पत्र देना होगा कि उनकी आय दस लाख रुपये सालाना से कम या अधिक है। इसी क्रम में अब केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने फरमान जारी कर दिया है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फार एलपीजी (डीबीटीएल) योजना के तहत जिन लोगों रसोई गैस में सब्सिडी पाने के लिए अपने आधार नंबर लिंक नहीं कराए हैं, वे अपने बैंक एकाउंट से आधार कार्ड को लिंक करवा लें।
कहा गया है कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है वे 30 सितंबर तक अपने कार्ड बनवाकर उसे बैंक एकाउंट से लिंक करवा लें। उधर इस आदेश के बाद शहर की तमाम गैस एजेंसियों में शनिवार को लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। त्रिवेणी गैस के प्रोपराइटर एवं एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के सचिव केपी मिश्र ने बताया कि आज काफी लोग आधार कार्ड को लिंक कराने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश से स्पष्ट है कि अब बिना आधार लिंक के गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। जिले में तकरीबन एक लाख से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपने आधार नंबर को अब तक लिंक नहीं कराए हैं।
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पीएम मोदी की इस बारे में अपील के बाद से टीवी चैनलों, अखबारों एवं सोशल मीडिया में लगातार लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की जा रही है। सरकार की ओर से कहा गया है कि अगर कोई उपभोक्ता आर्थिक रूप से संपन्न है और बिना सब्सिडी के भी एलपीजी (रसोई गैस) का खर्चा वहन कर सकता है तो वह स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ सकता है। देश भर में अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग स्वेच्छा से एलपीजी की सब्सिडी छोड़ चुके हैं। हालांकि अब भी ढेरों लोग ऐसे है जो संपन्न होने के बावजूद गैस सब्सिडी का मोह नहीं छोड़ रहे हैं। बता दें कि अभी हाल ही में कहा गया था कि रसोई गैस उपभोक्ता जिनकी आय दस लाख रुपये सालाना या इससे ज्यादा है, उन्हें गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। इस दौरान उपभोक्ताओं को घोषणा पत्र देना होगा कि उनकी आय दस लाख रुपये सालाना से कम या अधिक है। इसी क्रम में अब केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने फरमान जारी कर दिया है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फार एलपीजी (डीबीटीएल) योजना के तहत जिन लोगों रसोई गैस में सब्सिडी पाने के लिए अपने आधार नंबर लिंक नहीं कराए हैं, वे अपने बैंक एकाउंट से आधार कार्ड को लिंक करवा लें।
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कहा गया है कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है वे 30 सितंबर तक अपने कार्ड बनवाकर उसे बैंक एकाउंट से लिंक करवा लें। उधर इस आदेश के बाद शहर की तमाम गैस एजेंसियों में शनिवार को लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। त्रिवेणी गैस के प्रोपराइटर एवं एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के सचिव केपी मिश्र ने बताया कि आज काफी लोग आधार कार्ड को लिंक कराने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश से स्पष्ट है कि अब बिना आधार लिंक के गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। जिले में तकरीबन एक लाख से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपने आधार नंबर को अब तक लिंक नहीं कराए हैं।
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