मौसम की मार : बारिश में 11 हजार से अधिक किसानों की 33 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद
लगातार बारिश से 11 हजार से अधिक किसानों की 33 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। इन्हें मुआवजा दिया जाएगा। इनमें से 5252 किसानों की सूची तैयार कर ली गई जिन्हें छह करोड़ 37 लाख 23 हजार 713 रुपये दिए जाएंगे। अन्य की सूची तैयार की जा रही है।
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लगातार बारिश से 11 हजार से अधिक किसानों की 33 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। इन्हें मुआवजा दिया जाएगा। इनमें से 5252 किसानों की सूची तैयार कर ली गई जिन्हें छह करोड़ 37 लाख 23 हजार 713 रुपये दिए जाएंगे। अन्य की सूची तैयार की जा रही है।
मार्च तथा अप्रैल में लगातार बारिश से यमुनापार के अलावा गंगापार के हंडिया तहसील में गेहूं समेत अन्य फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। मार्च की पहली बारिश में ही कोरांव, हंडिया एवं बारा में 98 गांवों के 4448.202 हेक्टेयर में फसल को नुकसान हुआ है। सबसे अधिक कोरांव में 20 गांवों के 4870 किसानों के 2205 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। हंडिया में 53 गांव के 1542 की 154 हेक्टेयर तथा बारा में 25 गांवों के 2840 किसानाें की 2089.202 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है।
इसके बाद हुई बारिश में भी करछना तथा कोरांव के करीब दो हजार किसानाें की 33 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हो गई है। इनमें करछना के छह गांवों के 652 किसान शामिल हैं। कोरांव में हुए नुकसान का विवरण तैयार किया जा रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदम्बा सिंह ने बताया कि पहली सूची में शामिल 9252 किसानों में से करीब 80 फीसदी के डाटा अपलोड कर लिए गए हैं। इनके खातों में पैसा भी जारी किया जाने लगा है।