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तीर्थराज का संगम अद्भुत, भारत पंचवाणी का देश: मोरारी बापू
Tue, 22 Jan 2019 10:08 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: vivek shukla
Updated Tue, 22 Jan 2019 10:08 AM IST
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मोरारी बापू
- फोटो : अमर उजाला
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संत मोरारी बापू ने सोमवार को मानस संगम कथा में गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती की तरह मन, वचन और कर्म के संगम पर जोर दिया। उन्होंने चिंता जताई और कहा कि इस दौर में मन और वाणी का संगम ठीक से नहीं हो रहा है। तीर्थराज की महिमा के साथ उन्होंने यहां के अद्भुत संगम का विस्तार से वर्णन किया।
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सेक्टर-13 स्थित निंबार्क नगर के पंडाल में मोरारी बापू की संगीतमय राम कथा सुनने के लिए सोमवार को कथा प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बापू के व्यस पीठ पर आने के साथ ही श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर करतलध्वनि से स्वागत किया। बापू ने कहा कि प्रयागराज का संगम ऐतिहासिक है। यहां श्रोता और वक्ता का भी अद्भुत संगम होता है।
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इस संगम में गुरु की वाणी का प्रसाद मिलता है। संत मोरारी बापू ने कहा कि इस दौर में मन और वाणी का संगम ठीक से नहीं हो रहा है। मन में कुछ और वाणी कुछ और हो तो बात नहीं बन सकती। वचन और मन का मेल ही विचारधारा के संगम में स्नान करा सकता है। बापू ने सनातनी संस्कारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। बताया कि गोस्वामी तुलसी दास ने रामकथा को यमुना मां की तरह पवित्र कहा है। रामकथा नदियों की तरह सनातन और निर्मल प्रवाह लिए हुए है।
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कागभुसुंडी ने भी कहा है कि राम की कथाएं सदा सुखद होती हैं। राम कथा के प्रसंग में बापू ने मिलन के संदर्भों पर विस्तार से रोशनी डाली। बताया कि कैकेयी और राम का मिलन, शबरी से राम के मिलन, राम से हनुमान के मिलन जैसा ही श्रोता और वक्ता का मिलन किसी से कम नहीं है।
उन्होंने बताया कि भारत पंचवाणी का देश है। यहां ब्रह्मवाणी, आकाशवाणी, वेदवाणी, लोकवाणी और गुरुवाणी की प्रधानता है। उन्होंने बड़ों के आदर पर जोर दिया। इस मौके पर निंबार्काचार्य महाराज, काशी नरेश डॉ. अनंत नारायण सिंह, महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा समेत कई संत उपस्थित थे।