फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   MNNIT will do research on the spiritual discipline of Kalpavasis.

MNNIT : कल्पवासियों के आध्यात्मिक अनुशासन पर शोध करेगा एमएनएनआईटी

Thu, 16 Jan 2025 01:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Jan 2025 01:29 PM IST
सार

मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के शिक्षक व छात्र कड़ाके की ठंड में कल्पवासियों की आस्था और उनके आध्यात्मिक अनुशासन पर शोध करेंगे।

विज्ञापन
MNNIT will do research on the spiritual discipline of Kalpavasis.
महाकुंभ नगर संगम तट पर स्नान करते लोग लगी श्रद्धालु की भीड़ - फोटो : संवाद

विस्तार

मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के शिक्षक व छात्र कड़ाके की ठंड में कल्पवासियों की आस्था और उनके आध्यात्मिक अनुशासन पर शोध करेंगे। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की ओर से कुंभ के अन्य पहलुओं पर भी अध्ययन किया जाएगा।

विज्ञापन


हालांकि, अध्ययन मुख्य रूप से कल्पवासियों पर केंद्रित होगा। अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि लाखों श्रद्धालु जो भीषण ठंड में संगम तट पर कल्पवास करते हैं। आखिर कौन सी शक्ति है जो उनके हौसले को मजबूत बनाए रखती है। एमएनएनआईटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के विभागाध्यक्ष डॉ. तनुज नंदन बताते हैं कि इस पहल का उद्देश्य नीति निर्माताओं और आयोजकों को अंतर्दृष्टि प्रदान करते हुए मेगा इवेंट प्रबंधन पर योगदान देना है।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर महाकुंभ के प्रभाव, पर्यटन पर इसके प्रभाव और इस तरह के विशाल समागम के प्रबंधन से जुड़ी संगठनात्मक चुनौतियों को समझने के लिए भी यह शोध किया जा रहा है। इस अध्ययन के दौरान तीर्थयात्रियों, स्थानीय निवासियों, विक्रेताओं और कार्यक्रम आयोजकों के साथ सर्वेक्षण, साक्षात्कार और ग्रुप डिस्कशन आयोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इवेंट मैनेजमेंट व पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण होगा शोध

डाॅ. तनुज नंदन ने बताया महाकुंभ के सांस्कृतिक महत्व और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा देने की दिशा में भी अध्ययन होगा। यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि पारंपरिक प्रथाएं आधुनिक संगठनात्मक ढांचे के साथ कैसे सह-अस्तित्व में हैं। इस शोध से इवेंट मैनेजमेंट, टिकाऊ पर्यटन और सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान मिलने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed