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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   MLN Medical College: Why HRA to resident doctors who do not get hostel in the medical college?

MLN Medical College : मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल नहीं पाने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों को एचआरए क्यूं

Fri, 23 Aug 2024 03:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 23 Aug 2024 03:04 PM IST
सार

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पीजी के कुल 430 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। इनके लिए 148 कमरे आवंटित किए गए हैं। इनमें 24-24 कमरे गर्ल्स और मैरिज रेजिडेंट डॉक्टरों को मिले हैं। बाकी 102 कमरे बॉयज डॉक्टरों को रहने के लिए दिए गए हैं। इनमें 282 रेजिडेंट डॉक्टरों को हॉस्टल का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में उन्हें बाहर किराये का कमरा लेकर रहना पड़ रहा है।

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MLN Medical College: Why HRA to resident doctors who do not get hostel in the medical college?
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

लखनऊ, आगरा, झांसी सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी रेजिडेंट को एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) की सुविधा मिल रही है। आखिरकार मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल नहीं पाने वालों को इसका लाभ क्यूं नहीं दिया जा रहा है। यह सवाल यहां के रेजिडेंट डॉक्टरों का है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पांच से छह साल पहले यहां भी यह सुविधा दी जाती थी।

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मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पीजी के कुल 430 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। इनके लिए 148 कमरे आवंटित किए गए हैं। इनमें 24-24 कमरे गर्ल्स और मैरिज रेजिडेंट डॉक्टरों को मिले हैं। बाकी 102 कमरे बॉयज डॉक्टरों को रहने के लिए दिए गए हैं। इनमें 282 रेजिडेंट डॉक्टरों को हॉस्टल का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में उन्हें बाहर किराये का कमरा लेकर रहना पड़ रहा है।
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प्रदेश सरकार के अधीन होने की वजह से इन मेडिकल कॉलेजों के पीजी डॉक्टरों को महंगाई-भत्ते के आधार पर एचआरए दिया जाता है। सिर्फ प्रयागराज को छोड़कर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में इस सुविधा का लाभ रेजिडेंट डॉक्टरों को मिल रहा है।

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कमरे बेहद छोटे

पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए जो हॉस्टल उपलब्ध कराए गए हैं, उनके कमरे काफी छोटे हैं। इनमें एक व्यक्ति का रहना मुश्किल है। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन आए दिन एक कमरे में दो रेजिडेंट डॉक्टरों के रहने का दबाव बनाता है। डॉक्टराें ने मेडिकल कॉलेज के इस निर्देश को मानने से इन्कार कर दिया है।

प्रदेश सरकार का नियम सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए एक समान होता है। जब आगरा और लखनऊ सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में एचआरएन का लाभ मिल सकता है तो यहां पर क्यों नहीं। - डॉ.सचिन कुमार, अध्यक्ष, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन

जिन पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों को हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें एचआरए देने पर रोक लगाई थी। हमारे यहां डॉक्टरों के सापेक्ष कमरे उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से जल्द एचआरए की सुविधा रेजिडेंट डॉक्टरों को दी जाएगी। - डॉ.वत्सला मिश्रा, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज

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