एमएलसी-एक्सईएन विवाद : कार्यालय में नहीं लगा मिला कैमरा, पुलिस को अब मोबाइल की तलाश
इस मामले में दोनों पक्षों की तहरीर पर एक दिन पहले एफआईआर दर्ज की गई थी। एक्सईएन की तहरीर पर भाजपा एमएलसी समेत अन्य लोगों पर मारपीट, धमकी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
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भाजपा एमएलसी सुरेंद्र चौधरी और एक्सईएन मनोज कुमार अग्रवाल के बीच हुए विवाद के मामले में दर्ज दोनों मुकदमों की जांच शुरू हो गई है। फिलहाल पुलिस को यह पता चला है कि टैगोरटाउन स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा मिला। ऐसे में अब उसे साक्ष्य के लिए उस मोबाइल की तलाश है, जिसमें रिकॉर्डिंग की गई। पुलिस का कहना है कि मोबाइल मिलने के बाद ही जांच आगे बढ़ सकेगी।
इस मामले में दोनों पक्षों की तहरीर पर एक दिन पहले एफआईआर दर्ज की गई थी। एक्सईएन की तहरीर पर भाजपा एमएलसी समेत अन्य लोगों पर मारपीट, धमकी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। उधर, एमएलसी की तहरीर पर एक्सईएन व अन्य कर्मचारियों पर रिपोर्ट लिखी गई थी। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामले की छानबीन में जुटी पुलिस
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस कार्यालय में यह घटना हुई, वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। दरअसल पहले माना जा रहा था कि कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगा होगा तो उसमें पूरी घटना कैद हुई होगी। लेकिन कैमरा न लगा होने की जानकारी मिलने के बाद यह उम्मीद धरी रह गई। सूत्रों का कहना है कि अब मामले में आगे बढ़ने के लिए मोबाइल ही एकमात्र सहारा है।
दरअसल, एक्सईएन की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि घटना की रिकॉर्डिंग मोबाइल में मौजूद थी लेकिन हमलावरों ने इसे छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी। पुलिस का कहना है कि मोबाइल मिले तो डाटा रिकवर कर रिकॉर्डिंग दोबारा प्राप्त की जा सकती है। लेकिन फिलहाल मोबाइल नहीं मिल सका है। एसओ जार्जटाउन बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
चेतावनी : एक्सईएन का उत्पीड़न हुआ तो बिजलीकर्मी करेंगे बेमियादी हड़ताल
एक्सईएन मनोज कुमार अग्रवाल की पिटाई के बाद उन पर भाजपा एमएलसी की ओर से एफआईआर दर्ज कराए जाने से बिजली अभियंता और कर्मचारी आक्रोशित हैं। रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर अभियंता संगठनों और कर्मचारियों की हाइडिल परिसर में हुई बैठक में एमएलसी की तहरीर को झूठा करार दिया गया।
कहा गया कि राजनीतिक दबाव में झूठी एफआईआर दर्ज की गयी है। इस संबंध में डीएम, एसएसपी के अलावा विभागीय उच्चाधिकारियों को सोमवार को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चेताया कि अगर एफआईआर के आधार पर एक्सईएन का उत्पीड़न किया गया तो बिजली कर्मी बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे।
अभियंताओं ने बैठक कर एमएलसी के आरोपों को बताया झूठा
एक्सईएन पर हुई एफआईआर के बाद की स्थिति को लेकर हाइडिल परिसर में बिजली अभियंताओं और कर्मचारियों ने चिंता जताई। अभियंताओं का कहना था कि एमएलसी ने समर्थकों के साथ दफ्तर में घुसते ही एक्सईएन की पिटाई शुरू कर दी थी। उस दौरान एक्सईएन को उनसे बात करने का भी मौका नहीं दिया गया। एक्सईएन मनोज अग्रवाल का कहना था कि एमएलसी और उनके समर्थक उनको खींचकर जबरन अपनी गाड़ी में बैठा रहे थे।
इस दौरान वह अपना सिर्फ बचाव करते रहे। ऐसे में जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल का उन पर झूठा मुकदमा लिखाया गया है। इस दौरान राज्य विद्युत परिषद के जुड़े सभी संगठनों ने एक स्वर से निर्णय लिया कि अगर एक्सईएन के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जाती है, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए जिम्मेदार जिला प्रशासन और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम प्रबंधन होगा।
मुख्य अभियंता को दी गई मामले की जानकारी
शाम को इस फैसले की जानकारी मुख्य अभियंता विनोद कुमार गंगवार को दी गई। संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक जवाहर लाल विश्वकर्मा ने बताया कि सोमवार को डीएम, एसएसपी को पत्र भेजकर इस निर्णय से अवगत कराया जाएगा। इस मौके पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष बीके पांडेय, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव विजय प्रताप तिवारी के अलावा मनोज गुप्ता, शिव कुमार समेत कई अभियंता उपस्थित थे।
एक्सईएन को सुरक्षा मुहैया कराने को उठाई आवाज
विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति की ओर से एक्सईएन मनोज कुमार अग्रवाल को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए भी आवाज उठाई गई है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि दफ्तर में मारपीट और धमकी के बाद भय का माहौल बन गया है। डीएम, एसएसपी से एक्सईएन को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए आग्रह किया गया है, ताकि वह कार्यालय में बैठकर कामकाज निबटा सकें।