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माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी, मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद
Sat, 27 Feb 2021 07:39 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 27 Feb 2021 07:39 AM IST
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prayagraj news : maghi purnima
- फोटो : prayagraj
माघ मेले के पांचवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर शनिवार को पुण्य की डुबकी लग रही है। संगम में डुबकी लगाने के लिए शुक्रवार रात को ही मेला क्षेत्र में जन सैलाब पहुंचने लगा। शुक्रवार की देर रात मेला क्षेत्र की सड़कों पर आस्थावानों की खचाखच भीड़ उमड़ने लगी थी। शिविरों से लेकर सड़कों तक, हर तरफ भक्ति का रंग छा गया हैं। कहीं भंडारे खुले गए तो कहीं अनुष्ठान और आहुति दी जा रही है। माघी पूर्णिमा स्नान के साथ ही मास पर्यंत कल्पवास के अनुष्ठानों की पूर्णाहुति के बाद संगम की रेती से विदा हो जाएंगे। भीड़ के अनुमान को देखते हुए गंगा के दोनों तटों पर आठ घाटों पर स्नान की तैयारी की गई है।
माघी पूर्णिमा पर इस बार शुक्रवार की सुबह से ही संगम पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सिर पर गठरी लिए श्रद्धालु सड़कों पर कतारबद्ध निकले तो देर रात तक वह तांता लगा रहा। संतों-कल्पवासियों के शिविरों में भी आधी रात तक श्रद्धालु पहुंचते रहे। किला रोड से लेकर चाहे काली मार्ग हो या फिर लाल मार्ग या त्रिवेणी मार्ग, हर तरफ चार पहिया वाहनों का रेला चलन लगा। इससे काली मार्ग पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। भीड़ के आगे कोरोना संक्रमण की दिशा में किए गए सारे इंतजाम भी ध्वस्त हो गए।
मेला क्षेत्र के निकास मार्गों पर जगह -जगह थर्मल स्केनिंग के लिए लगे शिविर शो पीस साबित हुए। इस बार भी माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर त्रिवेणी में पावन डुबकी के लिए संगम समेत आठ घाट बनाए गए हैं। सर्क्युलेटिंग एरिया भी बढ़ाई गई है, ताकि गंगा के तटों पर सामाजिक दूरी का पालन कराया जा सके। संगम के अलावा काली, त्रिवेणी मार्गों के दोनों तरफ बने स्नान घाटों पर कासा और पुआल बिछाया गया, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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माघी पूर्णिमा पर इस बार शुक्रवार की सुबह से ही संगम पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सिर पर गठरी लिए श्रद्धालु सड़कों पर कतारबद्ध निकले तो देर रात तक वह तांता लगा रहा। संतों-कल्पवासियों के शिविरों में भी आधी रात तक श्रद्धालु पहुंचते रहे। किला रोड से लेकर चाहे काली मार्ग हो या फिर लाल मार्ग या त्रिवेणी मार्ग, हर तरफ चार पहिया वाहनों का रेला चलन लगा। इससे काली मार्ग पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। भीड़ के आगे कोरोना संक्रमण की दिशा में किए गए सारे इंतजाम भी ध्वस्त हो गए।
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मेला क्षेत्र के निकास मार्गों पर जगह -जगह थर्मल स्केनिंग के लिए लगे शिविर शो पीस साबित हुए। इस बार भी माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर त्रिवेणी में पावन डुबकी के लिए संगम समेत आठ घाट बनाए गए हैं। सर्क्युलेटिंग एरिया भी बढ़ाई गई है, ताकि गंगा के तटों पर सामाजिक दूरी का पालन कराया जा सके। संगम के अलावा काली, त्रिवेणी मार्गों के दोनों तरफ बने स्नान घाटों पर कासा और पुआल बिछाया गया, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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