Railway : छह घंटे तक फंसी रहीं प्रयागराज समेत दिल्ली रूट की कई ट्रेनें, यात्रियों की हुई काफी फजीहत
पुरी से नई दिल्ली जा रही 12801 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के इंजन का पेंटो (ओएचई लाइन से ट्रेन को बिजली पहुंचाने वाला उपकरण ) चंदारी स्टेशन पर शुक्रवार रात को ओवरहेड इक्विपमेंट लाइन (ओएचई) में फंस गया। पावर सप्लाई ठप हो जाने से ट्रेन वहीं खड़ी हो गई।
विस्तार
दिल्ली जाने वाले यात्रियों को शुक्रवार की रात काफी भारी पड़ गई। कानपुर के निकट चंदारी स्टेशन पर पेंटो ओएचई में फंस जाने की वजह से प्रयागराज जंक्शन से दिल्ली रूट पर चलने वाली तमाम ट्रेनें यहां से कानपुर के बीच तकरीबन छह घंटे फंसी रहीं। इस वजह से वीआईपी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे नई दिल्ली पहुंच सकी। प्रयागराज से कानपुर पहुंचने में ही ट्रेन ने सुबह के सात बजा दिए।
बताया जा रहा है कि पुरी से नई दिल्ली जा रही 12801 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के इंजन का पेंटो (ओएचई लाइन से ट्रेन को बिजली पहुंचाने वाला उपकरण ) चंदारी स्टेशन पर शुक्रवार रात को ओवरहेड इक्विपमेंट लाइन (ओएचई) में फंस गया। पावर सप्लाई ठप हो जाने से ट्रेन वहीं खड़ी हो गई। इस वजह से प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली दो दर्जन से अधिक ट्रेनें एक से छह घंटे तक फंसी रहीं। डाउन लाइन तो रात एक बजे के आसपास किसी तरह से दुरुस्त कर दी गई, लेकिन अप लाइन ठीक करने में सुबह के तकरीबन छह बजे गए।
शुक्रवार रात को पुरुषोत्तम एक्सप्रेस रात 8.51 बजे प्रयागराज से कानपुर के लिए चली। रात 12 बजे के आसपास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस चंदारी स्टेशन के स्टार्टअप सिग्नल को पार कर रही थी, तभी ओएचई के तार पेंटो से उलझ गए। इसके बाद ओएचई से इंजन को मिलने वाली पावर सप्लाई बंद हो गई। सूचना प्रयागराज स्थित कंट्रोल रूम को मिली तो मौके पर कानपुर से टॉवर वैगन मरम्मत के लिए भेजा गया।
इस बीच प्रयागराज से कानपुर के बीच तमाम ट्रेनें फंस गई। प्रयागराज एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे सिविल लाइंस के गोपाल ने बताया कि सुबह सात बजे जब उनकी आंख खुली तो उन्हें लगा दिल्ली पहुंच गए हैं, बाहर खिड़की से झांक कर देखा तो मालूम पड़ा कि कानपुर आया है।
तमाम ट्रेनों के स्लीपर कोच के भी यात्री काफी परेशान हुए। इस दौरान जो ट्रेनें फंसीं, उसमें प्रयागराज-नई दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस, प्रयागराज-बीकानेर सुपरफास्ट, रीवा-आनंद विहार, डिब्रूगढ़ राजधानी, सियालदह राजधानी, भुवनेश्वर राजधानी, हावड़ा राजधानी, राजेंद्र नगर राजधानी, लिच्छवी एक्सप्रेस, मंडुवाडीह एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस आदि प्रमुख ट्रेनें शामिल रहीं।