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भटके बादल, पर मंगलवार तक छिटपुट बारिश
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Mansoon news
- फोटो : CITY DESK
मौसम बिगड़ा, 24 घंटे में 58.2 मिलीमीटर बारिश
टकरा रहीं अरब सागर और कच्छ से उठ रही हवाएं
प्रयागराज। विदाई की बेला में मानसून की सक्रियता अभी कुछ दिन और परेशान करेगी। बृहस्पतिवार को दिन भर झमाझम कराने के बाद बादल भटके लेकिन कोनों में डटे रहे। बिगड़े मौसम में 24 घंटे के भीतर 58.2 मिलीमीटर बारिश का रिकार्ड रही। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अरब सागर और गुजरात के कच्छ से उठ रही हवाओं की टकराहट से मंगलवार तक छिटपुट बारिश होगी।
मौसम के बदले मिजाज से बारिश आफत बनी है। लगातार बरसात और बाढ़ का प्रकोप शहरियों के लिए मुसीबत बना है। दो दिन में करीब 200 मिलीमीटर बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। जानकारों की मानें तो अक्तूबर में ऐसी बारिश हाल फिलहाल या चार दशक में नहीं देखी। सितंबर के बाद उमस से परेशान करने वाली गर्मी पर बारिश ने लगाम लगा दी। अब अति वर्षा कई पेरशानियों का कारण बनी है।
बंगाल की खाड़ी से आने वाली निम्न दाब की हवाओं का यहां पुरवा से गठजोड़ और अरब सागर की हवाओं की टकराहट से बारिश रिकार्ड बना रही है। तापमान मामूली घटबढ़ के साथ अधिकतम 26.5 और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया। आर्द्रता अधिकतम 100/93 फीसदी रही। यही नमी बारिश की गति और माहौल दे रही है। रात में हल्की ठंड और दिन में सुहाना मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक बारिश का क्रम अभी बने रहने के आसार हैं। कहीं तेज तो कहीं धीमी गरज चमक के साथ होने वाली बारिश गुनगुनी ठंड के साथ मानसून की विदाई करेगी। उन्होंने बताया कि बादल भटके तो हैं लेकिन हवाओं के जोर और नमी की अधिकता बारिश कराएगी।
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टकरा रहीं अरब सागर और कच्छ से उठ रही हवाएं
प्रयागराज। विदाई की बेला में मानसून की सक्रियता अभी कुछ दिन और परेशान करेगी। बृहस्पतिवार को दिन भर झमाझम कराने के बाद बादल भटके लेकिन कोनों में डटे रहे। बिगड़े मौसम में 24 घंटे के भीतर 58.2 मिलीमीटर बारिश का रिकार्ड रही। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अरब सागर और गुजरात के कच्छ से उठ रही हवाओं की टकराहट से मंगलवार तक छिटपुट बारिश होगी।
मौसम के बदले मिजाज से बारिश आफत बनी है। लगातार बरसात और बाढ़ का प्रकोप शहरियों के लिए मुसीबत बना है। दो दिन में करीब 200 मिलीमीटर बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। जानकारों की मानें तो अक्तूबर में ऐसी बारिश हाल फिलहाल या चार दशक में नहीं देखी। सितंबर के बाद उमस से परेशान करने वाली गर्मी पर बारिश ने लगाम लगा दी। अब अति वर्षा कई पेरशानियों का कारण बनी है।
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बंगाल की खाड़ी से आने वाली निम्न दाब की हवाओं का यहां पुरवा से गठजोड़ और अरब सागर की हवाओं की टकराहट से बारिश रिकार्ड बना रही है। तापमान मामूली घटबढ़ के साथ अधिकतम 26.5 और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया। आर्द्रता अधिकतम 100/93 फीसदी रही। यही नमी बारिश की गति और माहौल दे रही है। रात में हल्की ठंड और दिन में सुहाना मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक बारिश का क्रम अभी बने रहने के आसार हैं। कहीं तेज तो कहीं धीमी गरज चमक के साथ होने वाली बारिश गुनगुनी ठंड के साथ मानसून की विदाई करेगी। उन्होंने बताया कि बादल भटके तो हैं लेकिन हवाओं के जोर और नमी की अधिकता बारिश कराएगी।