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‘मर्दानी’ आरजे निधि को सबने कहा सलाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 04 Nov 2016 02:01 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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रेडियो स्टेशन से मंगलवार रात घर लौटते वक्त सिविल लाइंस में छेड़खानी की घटना के बारे में आरजे निधि ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया तो लोगों ने शोहदों को खदेड़ने पर उन्हें शाबासी दी और मर्दानी तथा सिंघम कहकर उनके साहस को सलाम किया। डीएम के अलावा महिला थानाध्यक्ष ने भी निधि को फोन कर दोषियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया।
आरजे निधि ने फेसपुक पेज पर पोस्ट में लिखा- वे दिन चले गए जब सड़क पर गंदे कमेंट पास करने पर लड़कियां डर जाती थीं। इग्नोर कर देती थीं या हेल्प-हेल्प चिल्लाती थीं। अब वे पलटवार करना सीख गई हैं। भाई दूज के अवसर पर जब मैं काम पूरा कर घर लौट रही थी तो तीन टीन एज लड़के बाइक पर मेरे बगल में आए और अभद्र टिप्पणी करते हुए बोले कि मैं माल दिख रही हूं। उन्होंने सोचा होगा कि मैं डर कर अनसुना कर दूंगी लेकिन मैंने उनका पीछा कर बाइक रोकने को कहा।
दो सज्जनों ने भी मेरा साथ दिया। लड़के समझ गए कि अब वे नहीं बच पाएंगे, इसलिए वे भाग गए। मदद करने वाले राहगीरों ने मुझे पुलिस में शिकायत की सलाह दी मगर दुर्भाग्य से मैं लड़कों की बाइक का नंबर नहीं देख सकी, इसलिए घर चली गई। मैं यह पोस्ट इसलिए लिख रही हूं कि यह पहली बार नहीं है। मैं अकेली पीड़ित नहीं हूं। सच तो यह है कि बहुत से लोग सोचते है कि यह मामूली बात है। रेप थोड़े न हुआ है। छेड़खानी इतनी सामान्य बात हो गई है कि पुलिस और लोग अब इसे हल्के में लेने लगे हैं। फिर क्या करें लड़कियां। जाने दो यार वाला एटिट्यूट कब तक चलेगा....।
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‘कल रात की घटना के बाद से मैं सुरक्षित नहीं महसूस कर रही हूं। ये लोग तो सुधरने वाले हैं नहीं। और इस चीज को कई बार मुझे फेस करना पड़ेगा। आज मेरा आखिरी शो होगा। आप सभी के प्यार के लिए मैं आभारी हूं, और मुझे दुख है कि ये साथ यहीं तक का था।’
आरजे निधि के साथ छेड़खानी की घटना से उनके साथी बेहद दुखी हैं। रेड एफएम के प्रोग्रामिंग हेड रोहित घोष और लेखक आशुतोष ने निधि के साथ बुधवार को महिला थाना जाकर एसओ अंशुल पांडेय को घटना की लिखित शिकायत दी। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कि कि ये लड़के गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएं। पकड़े जाने पर तीनों दोषी लड़के रेड एफएम पर ऑन एयर सॉरी बोलकर अपनी गलती मान लें तो भी उन्हें बख्शा जा सकता है। निधि ने भी महिला थानाध्यक्ष को दी तहरीर में लिखा है कि वह तीनों लड़कों के खिलाफ एफआईआर नहीं कराना चाहती हैं ताकि उनका भविष्य नहीं खराब हो सके। पुलिस उन्हें खोजकर चेतावनी दे और रेडियो स्टेशन आकर वे शो पर माफी मांग लें बस।
शहर और देहात में लड़कियों के साथ छेड़खानी और रेप की घटनाओं में इजाफा होता जा रहा है। पिछले दो साल के दौरान जनपद में रेप के बाद हत्या की सात घटनाएं हो चुकी हैं। बलात्कार की पचास से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं। आलम यह है कि देश भर में देवी पूजा के दौरान करछना में पांच अक्तूबर की रात दुर्गा पूजा पंडाल से लौटकर सो रही आठ साल की बालिका को उठाकर खेत में ले जाने के बाद दरिंदगी कर मार डाला गया। दिवाली की रात सैदाबाद के गांव में घर के भीतर सो रही पांच साल की बालिका को उठाकर दूर ले जाने के बाद हैवानियत की गई। राह चलते छेड़खानी की घटनाएं तो लगातार हो रही हैं। ऐसे में बेटियों के माता-पिता सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। नए एसएसपी शलभ माथुर ने पिछले महीने इलाहाबाद में कार्यभार संभालते वक्त महिलाओं की सुरक्षा पर जोर दिया था, लेकिन सच यह है कि महिला हिंसा में बढ़ोत्तरी हो गई है।
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आरजे निधि ने फेसपुक पेज पर पोस्ट में लिखा- वे दिन चले गए जब सड़क पर गंदे कमेंट पास करने पर लड़कियां डर जाती थीं। इग्नोर कर देती थीं या हेल्प-हेल्प चिल्लाती थीं। अब वे पलटवार करना सीख गई हैं। भाई दूज के अवसर पर जब मैं काम पूरा कर घर लौट रही थी तो तीन टीन एज लड़के बाइक पर मेरे बगल में आए और अभद्र टिप्पणी करते हुए बोले कि मैं माल दिख रही हूं। उन्होंने सोचा होगा कि मैं डर कर अनसुना कर दूंगी लेकिन मैंने उनका पीछा कर बाइक रोकने को कहा।
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दो सज्जनों ने भी मेरा साथ दिया। लड़के समझ गए कि अब वे नहीं बच पाएंगे, इसलिए वे भाग गए। मदद करने वाले राहगीरों ने मुझे पुलिस में शिकायत की सलाह दी मगर दुर्भाग्य से मैं लड़कों की बाइक का नंबर नहीं देख सकी, इसलिए घर चली गई। मैं यह पोस्ट इसलिए लिख रही हूं कि यह पहली बार नहीं है। मैं अकेली पीड़ित नहीं हूं। सच तो यह है कि बहुत से लोग सोचते है कि यह मामूली बात है। रेप थोड़े न हुआ है। छेड़खानी इतनी सामान्य बात हो गई है कि पुलिस और लोग अब इसे हल्के में लेने लगे हैं। फिर क्या करें लड़कियां। जाने दो यार वाला एटिट्यूट कब तक चलेगा....।
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‘कल रात की घटना के बाद से मैं सुरक्षित नहीं महसूस कर रही हूं। ये लोग तो सुधरने वाले हैं नहीं। और इस चीज को कई बार मुझे फेस करना पड़ेगा। आज मेरा आखिरी शो होगा। आप सभी के प्यार के लिए मैं आभारी हूं, और मुझे दुख है कि ये साथ यहीं तक का था।’
आरजे निधि के साथ छेड़खानी की घटना से उनके साथी बेहद दुखी हैं। रेड एफएम के प्रोग्रामिंग हेड रोहित घोष और लेखक आशुतोष ने निधि के साथ बुधवार को महिला थाना जाकर एसओ अंशुल पांडेय को घटना की लिखित शिकायत दी। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं कि कि ये लड़के गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएं। पकड़े जाने पर तीनों दोषी लड़के रेड एफएम पर ऑन एयर सॉरी बोलकर अपनी गलती मान लें तो भी उन्हें बख्शा जा सकता है। निधि ने भी महिला थानाध्यक्ष को दी तहरीर में लिखा है कि वह तीनों लड़कों के खिलाफ एफआईआर नहीं कराना चाहती हैं ताकि उनका भविष्य नहीं खराब हो सके। पुलिस उन्हें खोजकर चेतावनी दे और रेडियो स्टेशन आकर वे शो पर माफी मांग लें बस।
शहर और देहात में लड़कियों के साथ छेड़खानी और रेप की घटनाओं में इजाफा होता जा रहा है। पिछले दो साल के दौरान जनपद में रेप के बाद हत्या की सात घटनाएं हो चुकी हैं। बलात्कार की पचास से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं। आलम यह है कि देश भर में देवी पूजा के दौरान करछना में पांच अक्तूबर की रात दुर्गा पूजा पंडाल से लौटकर सो रही आठ साल की बालिका को उठाकर खेत में ले जाने के बाद दरिंदगी कर मार डाला गया। दिवाली की रात सैदाबाद के गांव में घर के भीतर सो रही पांच साल की बालिका को उठाकर दूर ले जाने के बाद हैवानियत की गई। राह चलते छेड़खानी की घटनाएं तो लगातार हो रही हैं। ऐसे में बेटियों के माता-पिता सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। नए एसएसपी शलभ माथुर ने पिछले महीने इलाहाबाद में कार्यभार संभालते वक्त महिलाओं की सुरक्षा पर जोर दिया था, लेकिन सच यह है कि महिला हिंसा में बढ़ोत्तरी हो गई है।