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Mahakumbh : यूपी में आध्यात्मिक टूरिज्म की असीम संभावनाएं, सीएम योगी ने 73 देशों के राजनयिकों से किया संवाद

Sat, 01 Feb 2025 10:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 01 Feb 2025 10:08 PM IST
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Mahakumbh: Unlimited possibilities of spiritual tourism in UP CM Yogi interacted with diplomats
महाकुंभ में पहुंचे विदेशी पर्यटक। - फोटो : अमर उजाला।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने विश्व के 73 देशों के सौ से अधिक राजनयिकों संग शनिवार शाम संवाद किया। महाकुंभ नगर स्थित पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने विदेशी राजनयिकों को महाकुंभ और प्रयागराज के महात्म्य से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि भारत के अधिकांश तीर्थ गंगा तट पर ही स्थित है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्पिरिचुअल टूरिज्म में असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने राजनायिकों का प्रयागराज में स्वागत करते हुए कहा कि उन सभी की ये यात्रा निश्चित रूप से स्मरणीय साबित होगी। जब वो यहां से लौटेंगे तो स्वयं के साथ यादगार अनुभव लेकर जाएंगे।

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अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया महाकुंभ को कौतूहल की दृष्टि से देख रही है। आप सभी का यहां आना हमे प्रफुल्लित करता है। महाकुंभ का ये पर्व हम सभी को आनंदित करता है। मां गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगमस्थली पर बसा प्रयागराज दुनिया की प्राचीन नगरी है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब है। अबतक देश और-दुनिया से करीब 35 करोड़ लोग यहां आकर संगम स्नान कर चुके हैं। 26 फरवरी तक 45 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। इस अवसर पर विदेशी राजनयिकों ने भी अपने अनुभवों को सीएम योगी के सामने साझा किया। 

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Mahakumbh: Unlimited possibilities of spiritual tourism in UP CM Yogi interacted with diplomats
महाकुंभ में पहुंचे विदेशी पर्यटक। - फोटो : अमर उजाला।

त्रिवेणी संकुल में हुआ विदेशी मेहमानों का स्वागत

भारत की प्राचीन परंपरा और संस्कृति का साक्षात्कार करने 73 देशों राजनयिक प्रयागराज के महाकुंभ में सम्मिलित हुए। आस्था और आध्यात्म के सबसे बड़े समागम महाकुंभ में राजनयिकों का सबसे पहले अरैल क्षेत्र स्थित त्रिवेणी संकुल में यूपी सरकार की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया गया। वहां से सभी राजनयिकों को जेटी बोट के जरिए पवित्र त्रिवेणी संगम का दर्शन करवाया गया। उन्हें देश की सनातन संस्कृति और उसमें पवित्र संगम व महाकुंभ की महत्ता के बारे में बताया गया। कुछ देश के राजनयिकों ने संगम में पवित्र स्नान और गंगा जल का आचमन भी किया। इसे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। 

अक्षयवट और बड़े हनुमान का किया दर्शन

संगम स्नान के बाद सभी राजनयिकों ने यूपी टूरिज्म की लक्जरी बसों से महाकुंभ मेले का भ्रमण करते हुए अक्षयवट कॉरीडोर और बड़े हनुमान मंदिर का दर्शन किया। अक्षयवट कॉरीडोर में राजनयिकों कों सरस्वती कूप का भी दर्शन करवाया गया। भारतीय संस्कृति में नदियों, वृक्षों की पूजन परंपरा और उनके आध्यात्मिक महत्व को जान कर कई देशों के राजनयिक विशेष रूप से प्रभावित हुए। हनुमान मंदिर का दर्शन कर राजनयिकों का काफिला मेला क्षेत्र में बने पुलिस लाइन के सभागार पहुंचा। सभागार में राजनयिकों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा तथा प्रयागराज से विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद थे।

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बोले राजनयिक- भारतीय संस्कृति व धरोहर को दर्शाता है महाकुंभ

शनिवार को विभिन्न देशों के राजनयिकों व विदेशी अतिथियों का आगमन हुआ। 118 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिव्य-भव्य, नव्य महाकुंभ को देख अभिभूत हो उठा। इन अतिथियों ने कहा कि महाकुम्भ भारतीय संस्कृति व धरोहर को दर्शाता है। प्रयागराज पहुंचकर इन लोगों ने खुद को सौभाग्यशाली बताया। इन अतिथियों ने योगी सरकार व विदेश मंत्रालय द्वारा राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था पर खुशी भी जताई। वहीं प्रयागराज पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत किया गया। 

बहुत ही खास आयोजन है महाकुंभ

मुझे बहुत खुशी है कि राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय राजनयिकों के लिए इस यात्रा की व्यवस्था कर रहा है। महाकुंभ मेला बहुत ही खास आयोजन है, खासकर इस साल। इसलिए मैं हिंदू संस्कृति को समझने के लिए वहां जाने को उत्सुक हूं। - केइची ओनो, भारत में जापान के राजदूत 

परंपराओं का पालन कर हूं खुश
मैं इस महत्वपूर्ण समारोह में भाग लेकर प्रसन्न हूं। यहां की परंपराओं का पालन करके बहुत खुशी भी हो रही है।  - मारियानो काउचिनो, भारत में अर्जेंटीना के राजदूत

महाकुम्भ के वातावरण का लूंगी आनंद

मैं कई वर्षों से भारत से जुड़ी हुई हूं। मैं हमेशा यहां आना चाहती थी, लेकिन कभी भी किसी कुम्भ में जाने का अवसर नहीं मिला। आज यह खास और शुभ महाकुम्भ का समय है, यह सौभाग्य है कि मैं भारत में हूं। मैं यहां के वातावरण का आनंद लूंगी। यह दृश्य मेरी आँखों और आत्मा के लिए गौरवान्वित करने वाला है। मैं यहां पवित्र स्नान करूंगी। यह निश्चित रूप से भारतीय धरोहर और संस्कृति को दर्शाता है, जिस पर गर्व होना चाहिए। - डायना मिकेविकिएने,  भारत में लिथुआनिया की राजदूत

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