महाकुंभ 2025 :चौराहों पर विराजेंगे ब्रह्मा-वाल्मीकि, संवरेंगे गंगा-यमुना के 7 घाट, किले पर होगी फसाड़ लाइटिंग
महाकुंभ की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में तमाम परियोजनाओं की समीक्षा की गई। शास्त्री सेतु और अकबर के , शीर्ष समिति ने दी महाकुंभ की 395 करोड़ रुपये की 21 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
विस्तार
महाकुंभ-2025 के तहत शहर में प्रवेश करने से पहले दो प्रमुख चौराहों पर ब्रह्मा और वाल्मीकि की मूर्तियां विराजेंगी। देव प्रतिमाओं और पौराणिक महत्व की झांकियों से 39 चौराहे सजाए जाएंगे। शास्त्री सेतु और अकबर के किले को फसाड लाइटिंग से सजाया जाएगा। इन अहम प्रस्तावों को बुधवार को शीर्ष समिति की वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए बैठक में मंजूरी दे दी गई। इसी के साथ 395 करोड़ रुपये की 21 अहम परियोजनाओं को अनुमोदित कर दिया गया।
बुधवार को दिव्य एवं भव्य महाकुंभ के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं पर शीर्ष समिति ने विस्तार से चर्चा की। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई इस बैठक में पीडीए की पांच, नगर निगम की दो, सेतु निगम की एक, पॉवर काॅरपोरेशन की एक, पीडब्ल्यूडी की चार और पीडीए की दो परियोजनाओं को अनुमोदित किया गया।
पहली बार वाल्मीकि और ब्रम्हा जी की मूर्ति स्थापना के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। झूंसी के पास अंदावा चौराहे पर वाल्मीकि की और नैनी के लेप्रोसी चौराहे पर ब्रह्मा की मूर्तियां लगाई जाएंगी। यह मूर्तियां लगभग 30-30 फीट ऊंची होंगी और कल्वरड मार्बल से बनाई जाएंगी। आसपास के स्थान का भी सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
नगर निगम की ओर से कराए जा रहे कार्यों के तहत शहर के स्टेक होल्डर्स से की गई चर्चा के बाद 91 वार्डों की 199 परियोजनाएं प्रस्तुत की गई थीं, जिनमें से सभी को अनुमोदन मिल गया। इन वार्डों की चिह्नित कच्ची सड़कों की इंटरलॉकिंग,पक्की नालियों का निर्माण शामिल है।
इसी तरह सात घाटों के उच्चीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्यों को भी अनुमोदन मिल गया। इसमें बलुआघाट, अरैल घाट, मौज गिरि घाट, काली घाट, रसूलाबाद घाट, छतनाग घाट तथा नागेश्वर घाट शामिल हैं। इन घाटों पर चेंजिंग रूम, फसाड लाइटिंग एवं पेंटिंग कराई जाएगी। इसके अलावा डिजाइनर पोलों के जरिए प्रकाश व्यवस्था, पौधरोपण, स्टोन रूलिंग, स्टोन बोल्डर्स, बेंच एवं डस्टबिन के साथ छतरी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा शहर के तीन स्थलों बक्शी बांध, मधवापुर सब्जी मंडी, जीटी जवाहर चौराहा पर वेंडिंग जोन की स्थापना की जाएगी। तीनों स्थानों पर दुकानों के आवंटन के साथ ही लाइट, रेलिंग, पेयजल और इंटरलाकिंग का काम कराया जाएगा।
बेगमबाजार-भगवतपुर आरओबी का अब शुरू होगा काम
राज्य सेतु निगम की ओर से कराए जा रहे बेगम बाजार से भगवतपुर तक एयरपोर्ट के समीप अर्द्धनिर्मित डबल लेन उपरिगामी सेतु को पूर्ण कराने के लिए अनुमोदन मिल गया। अब शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। 2019 के कुंभ में सेना की ओर से एनओसी न मिलने की वजह से इसका निर्माण अधर में पड़ गया था।
प्रवाह के लिए गंगा की कराई जाएगी ड्रेजिंग, प्रशिक्षित होंगे गाइड
प्रयागराज। मेला प्राधिकरण की ओर से गंगा के प्रवाह को व्यवस्थित करने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर टोपोग्राफिकल सर्वे कराया जाएगा। ताकि समय रहते ड्रेजिंग कराई जा सके। इसके साथ ही मैथमेटिकल हाइड्रोलिक मॉडलिंग स्टडी, बैंबू पिन इंस्टॉलेशन और ड्रेजिंग के लिए भी समिति से अनुमोदन जारी किया गया। साथ ही टूर गाइड्स, नाविक, वॉलिंटियर्स, कुंभ सेवा मित्र, वेंडर्स, पुलिस पर्सनल एवं विभागीय अधिकारियों के आचार-व्यवहार, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, माड्यूल, सॉफ्ट स्किल्स वर्क तथा परफॉर्मेंस को बेहतर करने के लिए प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। इसके देश के कुछ प्रमुख संस्थानों को लिखा गया है।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए फैलोशिप प्रोग्राम भी
मेला प्राधिकरण 12 महीने का फैलोशिप प्रोग्राम भी करवाएगा। इसके तहत देश के प्रमुख संस्थानों से सैनिटेशन, मोबिलिटी, क्राउड मैनेजमेंट, सिक्योरिटी एंड सर्विलेंस, कम्युनिकेशन सर्विसेज, टेंपरेरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, लेआउट प्लानिंग के लिए क्वालिटी इनपुट्स एवं इंप्लीमेंटेशन सपोर्ट के दृष्टिगत 55 लोगों को आबद्ध किया जाएगा।