{"_id":"589e19784f1c1b7e0b37bbde","slug":"magi-arrived-at-the-full-moon-millions-bathed","type":"story","status":"publish","title_hn":"माघी पूर्णिमा पर आए, लाखों नहाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माघी पूर्णिमा पर आए, लाखों नहाए
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 11 Feb 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साफ मौसम और चाक चौबंद व्यवस्था के बीच माघ मेले का पांचवां स्नानपर्व माघी पूर्णिमा भी सकुशल पूरा हुआ। पर्व पर कल्पवासियों सहित लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। हालांकि एक बार फिर प्रशासन ने मनमाना आंकड़ा पेश करते हुए पर्व पर पचास लाख स्नानार्थियों के डुबकी लगाने का दावा किया। पर्व की पूर्व संध्या से ही लोगों का मेला क्षेत्र मेेें आने का क्रम आरंभ हुआ और पर्व की शाम तक वापसी का क्रम बना रहा। कल्पवासियों की वापसी से शिविर सूने हुए।
माघ का अंतिम स्नानपर्व होने से कल्पवास की समाप्ति पर वैसे तो गंगा-यमुना के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा लेकिन संगम पर ज्यादा जमावड़ा रहा। कल्पवासियों से इतर उन्हें लिवाने आए परिजनों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों और पास-पड़ोस के जिलों से आए श्रद्धालुओं ने भी डुबकी लगाई। डीएम, एसएसपी की देखरेख में अधिकारियों की टीम ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शांति, सुरक्षा के लिए आर्मी, आएएफ के अतिरिक्त माउंटेन्शन सर्विलांस व्हीकल से भी निगरानी रखी गई। नागरिक सुरक्षा एवं अन्य संस्थाएं भी सहयोग में जुटी रहीं।
विज्ञापन
माघ का अंतिम स्नानपर्व होने से कल्पवास की समाप्ति पर वैसे तो गंगा-यमुना के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा लेकिन संगम पर ज्यादा जमावड़ा रहा। कल्पवासियों से इतर उन्हें लिवाने आए परिजनों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों और पास-पड़ोस के जिलों से आए श्रद्धालुओं ने भी डुबकी लगाई। डीएम, एसएसपी की देखरेख में अधिकारियों की टीम ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शांति, सुरक्षा के लिए आर्मी, आएएफ के अतिरिक्त माउंटेन्शन सर्विलांस व्हीकल से भी निगरानी रखी गई। नागरिक सुरक्षा एवं अन्य संस्थाएं भी सहयोग में जुटी रहीं।
विज्ञापन