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माघ मेला प्रयागराज : एकादशी पर संगम में डुबकी लगाने के लिए उमड़े श्रद्धालु
Sat, 12 Feb 2022 01:28 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 12 Feb 2022 01:28 AM IST
सार
जया एकादशी शुक्रवार की दोपहर 1:53 बजे ही लग गई। इसी के साथ एकादशी का स्नान भी आरंभ हो गया, लेकिन उदया तिथि की मान्यता के लिहाज से एकादशी शनिवार को मान्य होगी। एकादशी पर्व लगने के साथ ही संगम पर आस्थावानों की भीड़ उमड़ने लगी है।
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एकादशी के पहले ही संगम पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।
- फोटो : प्रयागराज।
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विस्तार
माघ की जया एकादशी पर संगम पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए शुक्रवार को आस्था का रेला उमड़ पड़ा। दोपहर बाद संगम के अलावा गंगा के अन्य स्नान घाटों पर भीड़ की वजह से पांटून पुलों और चकर्ड प्लेट की सड़कों पर कल्पवासियों, संतों और भक्तों की कतारें लगी रहीं। इसी के साथ जया एकादशी व्रत आरंभ हो गया है।
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जया एकादशी शुक्रवार की दोपहर 1:53 बजे ही लग गई। इसी के साथ एकादशी का स्नान भी आरंभ हो गया, लेकिन उदया तिथि की मान्यता के लिहाज से एकादशी शनिवार को मान्य होगी। एकादशी पर्व लगने के साथ ही संगम पर आस्थावानों की भीड़ उमड़ने लगी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के संगम पहुंचने से सड़कों से लेकर पार्किंग तक में कहीं जगह नहीं बची।
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एकादशी का व्रत रखने के साथ ही एक तरफ डुबकी आरंभ हुई तो दूसरी ओर अन्न, वस्त्र का दान करने की होड़ मच गई। भीड़ को देखते हुए मेला एसपी डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने संगम जाने वाले मार्गों के अलावा पाटून पुलों पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी। इस दौरान निकटतम पार्किंग स्थल तक वाहनों को ले जाने की छूट दी गई, ताकि श्रद्धालुओं को संगम पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़े। काली मार्ग, लाल मार्ग से लेकर त्रिवेणी मार्ग तक आस्थावानों की भीड़ सिर पर गठरी लिए हुए बढ़ती नजर आई।
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स्नान घाट भी खचाखच पैक रहे। इस दौरान कहीं दीपदान तो कहीं शैय्या दान की होड़ मची रही। कल्पवासी शिविरों में चौबीस घंटे के रामचरित मानस पाठ के अलावा यज्ञ-आहुतियों की पूर्णाहुति की जाती रही। अन्नक्षेत्रों में सुबह से ही संतों-भक्तों का तांता लगा रहा।