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मनी लांड्रिंग केस : माफिया मुख्तार से करीबी ठेकेदारों और व्यापारियों के बारे में पूछताछ
Fri, 23 Dec 2022 06:43 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 23 Dec 2022 06:43 AM IST
सार
माफिया मुख्तार अंसारी से बृहस्पतिवार को भी पूछताछ होती रही। ईडी ने मुख्तार के करीबी ठेकेदारों और व्यापारियों की सूची बनाई थी। उनकी संपत्तियों और मुख्तार से जुड़ाव के बारे में सवाल किए गए।
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
माफिया मुख्तार अंसारी से बृहस्पतिवार को भी पूछताछ होती रही। ईडी ने मुख्तार के करीबी ठेकेदारों और व्यापारियों की सूची बनाई थी। उनकी संपत्तियों और मुख्तार से जुड़ाव के बारे में सवाल किए गए। पूर्वांचल से लेकर झारखंड तक फैले कोयले के कारोबार के बारे में भी ईडी ने पूछताछ की।
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने मुख्तार से उन सभी ठेकेदारों और व्यापारियों के बारे में सवाल किए, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने मुख्तार की वजह से ही संपत्ति बनाई है। ईडी को यह भी आशंका है कि सारी संपत्तियां मुख्तार की ही हैं। हालांकि उन संपत्तियों के बारे में मुख्तार कहता रहा कि वह किसी की संपत्ति के बारे में कुछ नहीं जानता।
पूर्वांचल से लेकर झारखंड तक फैले कोयले के कारोबार के बारे में मुख्तार से तमाम सवाल किए गए। कारोबार में कौन-कौन ठेकेदार उसके लिए काम करते हैं, उन सबके नाम अधिकारियों ने पूछे। हालांकि मुख्तार ने तमाम सवालों पर चुप्पी ही साध रखी थी। उसने तमाम करीबियों के नाम भी पहचानने से इन्कार किया। ईडी के सूत्रों का कहना है कि मुख्तार से पूछताछ में अब तक बहुत कुछ हासिल नहीं हुआ है। ईडी रिमांड की अवधि बढ़ाने की रिक्वेस्ट भी कर सकती है।
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प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने मुख्तार से उन सभी ठेकेदारों और व्यापारियों के बारे में सवाल किए, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने मुख्तार की वजह से ही संपत्ति बनाई है। ईडी को यह भी आशंका है कि सारी संपत्तियां मुख्तार की ही हैं। हालांकि उन संपत्तियों के बारे में मुख्तार कहता रहा कि वह किसी की संपत्ति के बारे में कुछ नहीं जानता।
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पूर्वांचल से लेकर झारखंड तक फैले कोयले के कारोबार के बारे में मुख्तार से तमाम सवाल किए गए। कारोबार में कौन-कौन ठेकेदार उसके लिए काम करते हैं, उन सबके नाम अधिकारियों ने पूछे। हालांकि मुख्तार ने तमाम सवालों पर चुप्पी ही साध रखी थी। उसने तमाम करीबियों के नाम भी पहचानने से इन्कार किया। ईडी के सूत्रों का कहना है कि मुख्तार से पूछताछ में अब तक बहुत कुछ हासिल नहीं हुआ है। ईडी रिमांड की अवधि बढ़ाने की रिक्वेस्ट भी कर सकती है।
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