फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Like Nehru, Priyanka also believed that the Ganges is fluid

नेहरू की तरह प्रियंका ने भी माना द्रवीभूत ब्रह्म हैं गंगा

Fri, 12 Feb 2021 01:22 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 12 Feb 2021 01:22 AM IST
विज्ञापन
Like Nehru, Priyanka also believed that the Ganges is fluid
स्वराज भवन में श्रद्धांजलि अर्पित करतीं प्रियंका गांधी। - फोटो : prayagraj

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू कहा करते थे, ‘गंगा एक नदी नहीं, बल्कि द्रवीभूत ब्रह्म हैं।’ पंडित नेहरू के कहे को प्रियंका ने भी माना और मौनी अमावस्या पर संगम में मौन डुबकी लगाई। हालांकि पंडित नेहरू के बाद उनकी बेटी एवं प्रियंका की दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी माघ मेले के दौरान यहां आईं थीं, लेकिन नेहरू के बाद प्रियंका परिवार की पहली सदस्य हैं, जिन्होंने मौनी अमावस्या पर डुबकी लगाई।

विज्ञापन


पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री रहते हुए वर्ष 1954 में कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर यहां डुबकी लगाने आए थे। मौनी अमावस्या के दिन संगम पर लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा था और भगदड़ गई थी, जिसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री और नेहरू की पुत्री इंदिरा गांधी माघ मेले में आईं थी। उन्होंने पूजा-अर्चना की थी।
विज्ञापन


पंडित नेहरू के बाद कुंभ में आने वलाी नेहरू परिवार की दूसरी सदस्य सोनिया गांधी थीं, जो 22 जनवरी 2001 को यहां आईं थीं। वह सरस्वती घाट के रास्ते संगम पहुंचीं थीं। प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस वक्त सोनिया गांधी के लिए सुरक्षा के कोई विश्ेाष प्रबंध नहीं किए गए थे। संगम पर घुटने भर पानी था और सोनिया डुबकी लगाने के लिए गंगा में उतरीं थीं, लेकिन बाद में मुद्दा बना कि सोनिया ने डुबकी नहीं लगाई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता किशोर वार्ष्णेय बताते हैं कि सोनिया गांधी के लिए चेंजिंग रूम तक भी व्यवस्था नहीं थी। वह ठंड के बीच गीले कपड़ों पर सरस्वती घाट पहुंची थीं और वहां पीएसी के कैंप में उन्होंने कपड़े बदले थे। सोनिया 2001 के कुंभ में वह शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, सतपाल महाराज और स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी से मिलने टीकरमाफी आश्रम गईं थीं। सोनिया के बाद उनकी बेटी प्रियंका ने गंगा में डुबकी लगाकर उन आलोचकों की जुबान पर ताला लगाने की कोशिश की है, जो आरोप लगाते हैं कि गांधी परिवार की धर्म में कोई आस्था नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed