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एसएससी के खिलाफ फिर सड़क पर उतरे छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 10 Dec 2014 11:51 PM IST
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एसएससी की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) 2013 की मुख्य परीक्षा को निरस्त करने की मांग करते हुए प्रतियोगी छात्र बुधवार को फिर सड़क पर उतर आए। उन्होंने एसएससी क्षेत्रीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और परीक्षा निरस्त करने की मांग की। प्रतियोगी छात्रों ने प्रशासन को आगाह करने के लिए पुलिस लाइन तक मार्च निकाला। प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा। उन्होंने सीबीआई जांच की भी मांग की। इस बीच पुलिस बार-बार छात्राें को गिरफ्तार करने की चेतावनी देती रही, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। जुलूस के चलते शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। वहीं सामाजिक एकता परिषद ने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग की है।
अखिल भारतीय एसएससी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलन करते हुए प्रतियोगी छात्रों ने आयोग पर कई आरोप लगाए। कहा, 2013 में हुई परीक्षा में पूरी तरह धांधली की गई है। सीजीएल-2013 की टियर-टू के परिणाम में दिल्ली की एक कोचिंग के 17 छात्रों को 200 के पूर्णांक में 200 अंक दे दिए गए। इसके अलावा साक्षात्कार के लिए कोचिंग संस्थान के 400 छात्रों को क्वालिफाई करा दिया गया। साक्षात्कार में ऐसे अभ्यर्थियों को भी क्वालिफाई कराया गया है, जिन्होंने टियर-वन की परीक्षा दी ही नहीं है।
प्रतियोगी छात्रों ने एसएससी की सीजीएल-2013 की मुख्य परीक्षा, सीएचएसएल-2014, सीजीएल-2014 टियर-वन की परीक्षा को निरस्त करने, तीनों परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई। प्रतियोगी छात्रों ने आरोप लगाया कि नवंबर में हुए आंदोलन के दौरान आयोग के क्षेत्रीय निदेशक ने आश्वासन दिया था कि परीक्षा को लेकर सभी मांगे पूरी की जाएंगी, लेकिन उनकी एक भी मांग आज तक पूरी नहीं की गई। प्रतियोगी छात्रों ने एसएससी कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। क्षेत्रीय निदेशक जेपी गर्ग अवकाश पर होने के कारण एसएससी का कोई अधिकारी प्रतियोगी छात्रों की बात सुनने नहीं आया।
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अखिल भारतीय एसएससी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलन करते हुए प्रतियोगी छात्रों ने आयोग पर कई आरोप लगाए। कहा, 2013 में हुई परीक्षा में पूरी तरह धांधली की गई है। सीजीएल-2013 की टियर-टू के परिणाम में दिल्ली की एक कोचिंग के 17 छात्रों को 200 के पूर्णांक में 200 अंक दे दिए गए। इसके अलावा साक्षात्कार के लिए कोचिंग संस्थान के 400 छात्रों को क्वालिफाई करा दिया गया। साक्षात्कार में ऐसे अभ्यर्थियों को भी क्वालिफाई कराया गया है, जिन्होंने टियर-वन की परीक्षा दी ही नहीं है।
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प्रतियोगी छात्रों ने एसएससी की सीजीएल-2013 की मुख्य परीक्षा, सीएचएसएल-2014, सीजीएल-2014 टियर-वन की परीक्षा को निरस्त करने, तीनों परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई। प्रतियोगी छात्रों ने आरोप लगाया कि नवंबर में हुए आंदोलन के दौरान आयोग के क्षेत्रीय निदेशक ने आश्वासन दिया था कि परीक्षा को लेकर सभी मांगे पूरी की जाएंगी, लेकिन उनकी एक भी मांग आज तक पूरी नहीं की गई। प्रतियोगी छात्रों ने एसएससी कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया। क्षेत्रीय निदेशक जेपी गर्ग अवकाश पर होने के कारण एसएससी का कोई अधिकारी प्रतियोगी छात्रों की बात सुनने नहीं आया।
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