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इविवि पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष की इलाज के दौरान

Sun, 18 Aug 2019 12:45 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 12:45 AM IST
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Lakshamikant Ojha
Lakshamikant Ojha - फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व भाजपा नेता लक्ष्मी शंकर ओझा की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच अगस्त की रात परेड मैदान में संदिग्ध हाल में घायल पड़े मिलने पर उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर करछना स्थित पैतृक गांव पहुंचे जहां देर शाम डीहा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व भाजपा नेता लक्ष्मी शंकर ओझा (68) लोकतंत्र सेनानी भी रह चुके थे। वह मूल रूप से करछना के सेमरहा के रहने वाले थे और शहर में सिविल लाइंस स्थित एसपी मार्ग पर रहते थे। पांच अगस्त की शाम सात बजे के करीब वह स्कूटर लेकर घर से निकले। रात 10 बजे के करीब वह जख्मी हालत में परेड मैदान में पड़े मिले। हालांकि उनका स्कूटर गायब मिला। इसके बाद सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस ने उन्हें एसआरएन अस्पताल पहुंचाया, जहां पिछले 12 दिनों से उनका इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह आठ बजे के करीब इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर पैतृक गांव करछना पहुंचे जहां डीहा घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव को मुखाग्नि उनके भाई कमलाशंकर ओझा ने दी। इस दौरान पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इससे पहले पिता की मौत की खबर मिलते ही उनकी दोनों बेटियां भी सिविल लाइंस स्थित आवास पर पहुंच गईं। उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है।
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टूट गई थी पसलियां, शरीर पर मिलीं कई चोटें
उधर पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर में कई चोटें आईं। सूत्रों की मानें तो उनकी बाईं पसलियां टूट गईं थीं। साथ ही सिर, पीठ व अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोट मिली है। इसके अलावा फेफड़ा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इन चोटों की वजह से ही उनकी जान गई। अब बड़ा सवाल यह है कि उन्हें चोटें कैसे लगीं। जानकारों का कहना है कि हो सकता है कि उन पर किसी ने हमला किया हो। इस बात की भी संभावना है कि वह किसी हादसे का शिकार हुए हों। उधर पुलिस का कहना है कि इस मामले में देर रात तक कोई तहरीर नहीं मिली है। कीडगंज व दारागंज इंस्पेक्टर तहरीर मिलने की बात से इंकार करते रहे। पुलिस अफसरों का कहना है कि तहरीर मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
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घर से गायब थी नगदी व रिवॉल्वर
उधर मृतक लक्ष्मीशंकर ओझा के सिविल लाइंस स्थित घर से नगदी व रिवॉल्वर चोरी होने की बात सामने आई। वह यहां नौकर नेपाल निवासी बहादुर के साथ रहते थे। खाना बनाने के साथ ही वह अन्य घरेलू काम करता था। शनिवार सुबह पिता की मौत पर पहुंची बेटियों का कहना था कि आलमारी के लॉकर का ताला टूटा हुआ था और उसमें नगद गायब था। यही नहीं पिता की रिवॉल्वर भी नहीं मिली। सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस भी पहुंची और जांच पड़ताल की। पूछताछ मेें बहादुर ने बताया कि हादसे के दो दिन बाद लक्ष्मीशंकर के एक मित्र आए थे जो कुछ फाइलें लेकर गए थे। इसके बाद से आलमारी लॉक कर दी गई थी। बेटियों के आने के बाद आलमारी खोली गई तो लॉकर टूटा मिला। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध है। फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है।
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