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अर्द्धकुंभ की बैठक में लाखों का खा गए खाना
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Mon, 17 Apr 2017 01:14 AM IST
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इलाहाबाद
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अभी अर्द्धकुंभ की तैयारियों की शुरुआत हुई है। इसी के साथ खर्च की भी शुरुआत हो गई है। खर्च का यही आलम रहा तो समीक्षा बैठकों में सिर्फ खाना और नाश्ते पर ही करोड़ों रुपये खर्च हो जाएंगे। दिसंबर और जनवरी में हुई दो बैठकों में जिला प्रशासन खाना और नाश्ते पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अफसरोें ने 1200 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से खाना खाया। कई अन्य मद में हुए खर्च भी चौंकाने वाले हैं।
माघ मेला तथा अर्द्धकुंभ की तैयारियों के मद्देनजर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सात जनवरी को बैठक हुई थी। उसमें 1200 रुपये प्रति प्लेट की दर से एक लाख 80 हजार रुपये खाने पर खर्च हुए। इस तरह से बैठक में कुल 150 लोगों ने खाना खाया। इससे पहले पिछले साल 12 दिसंबर को अखाड़ा परिषद के साथ हुई बैठक में 87,400 रुपये नाश्ते पर खर्च हुए। नाश्ता में बालू शाही, समोसा, मलाई रोल, काजू पतीसा, चाय, पानी का बोतल, पनीर पकौड़ी, गोभी पकौड़ी, फ्रूट चाट आदि शामिल है। उसी दिन गंगा पूजन भी हुआ था। इसमें तीन लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च हुई। संतों को देने के लिए 1.60 लाख रुपये की तो शाल खरीदी गई थी। बताया जा रहा है कुल 29 संत महात्माओं को शाल दी गई थी। इसी तरह से 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अमरूद खरीदा गया था। उस समय मेला अधिकारी रहे आशीष मिश्रा ने बताया कि उन बैठकों और आयोजनों में खर्च का भुगतान हो चुका है। जो बिल आया था, उसी का भुगतान हुआ है। हालांकि, 1200 रुपये प्रति प्लेट की दर से खाना मंगाए जाने की बात पर वह चौंके और कितना भुगतान हुआ है इस बारे में वह स्पष्ट नहीं बता पाए।
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माघ मेला तथा अर्द्धकुंभ की तैयारियों के मद्देनजर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सात जनवरी को बैठक हुई थी। उसमें 1200 रुपये प्रति प्लेट की दर से एक लाख 80 हजार रुपये खाने पर खर्च हुए। इस तरह से बैठक में कुल 150 लोगों ने खाना खाया। इससे पहले पिछले साल 12 दिसंबर को अखाड़ा परिषद के साथ हुई बैठक में 87,400 रुपये नाश्ते पर खर्च हुए। नाश्ता में बालू शाही, समोसा, मलाई रोल, काजू पतीसा, चाय, पानी का बोतल, पनीर पकौड़ी, गोभी पकौड़ी, फ्रूट चाट आदि शामिल है। उसी दिन गंगा पूजन भी हुआ था। इसमें तीन लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च हुई। संतों को देने के लिए 1.60 लाख रुपये की तो शाल खरीदी गई थी। बताया जा रहा है कुल 29 संत महात्माओं को शाल दी गई थी। इसी तरह से 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अमरूद खरीदा गया था। उस समय मेला अधिकारी रहे आशीष मिश्रा ने बताया कि उन बैठकों और आयोजनों में खर्च का भुगतान हो चुका है। जो बिल आया था, उसी का भुगतान हुआ है। हालांकि, 1200 रुपये प्रति प्लेट की दर से खाना मंगाए जाने की बात पर वह चौंके और कितना भुगतान हुआ है इस बारे में वह स्पष्ट नहीं बता पाए।
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