अध्यात्म की नगरी में आकर भी बॉलीवुड में अटका है इस नागा साधु का मन, बना हुआ है आकर्षण का केंद्र
बिग बी भले ही दिव्य कुंभ में न आए हों, लेकिन उनके प्रशंसक यहां जरूर मौजूद हैं। श्रद्धालुओं के लिए मेले का सर्वाधिक आकर्षण का केंद्र बने नागा साधु आज भी उनकी फिल्मों के दीवाने हैं। जूना अखाड़े के नागा साधु प्रयाग गिरि महाराज को अमिताभ बच्चन हीरो के तौर पर बेहद प्रिय हैं।
श्री पंचायती जूना अखाड़ा के नागा संत प्रयाग गिरि को नागा साधु की शिक्षा-दीक्षा प्रयागराज से ही प्राप्त हुई है। 13 साल की आयु में ही इन्होंने संन्यास ग्रहण कर लिया था। नागापंथ धारण किए हुए इन्हें 18 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। धर्म-अध्यात्म के अलावा उनकी बॉलीवुड में भी रुचि रही है।
प्रयाग गिरी महाराज बताते हैं कि बचपन में जब उन्होंने संन्यास नहीं लिया था, तभी से अमिताभ उनके फेवरेट हीरो रहे हैं। एक्शन सीन में जब अमिताभ दुश्मन के छक्के छुड़ाते हैं, तो बहुत आनंद आता है। अमिताभ बच्चन द्वारा अभिनीत फिल्म गंगा, यमुना सरस्वती मूवी प्रयाग गिरी को इतनी ज्यादा पसंद है कि उसके डायलाग भी उन्हें आज तक याद हैं।
चंदा पउवा खेल के महारथी
जैसे- 'मौत अपनी जगह और समय तय करके आती है।' वे खुद को अमिताभ का फैन मानते हैं, जब भी कहीं अमिताभ की फिल्म आ रही होती है तो चाहे एक ही झलक देखें पर रुककर जरूर देख लेते हैं।
प्रयाग गिरि महाराज को चिरंगा जिसे हम लोग कांचा के नाम से जानते हैं और चंदा-पउवा खेल में हरा पाना मुश्किल ही है। चंदा -पउवा एक तरह से लूडो की तरह का खेल है जिसे चार लोगों के साथ खेला जाता है। चारों लोगों के पास चार-चार गोटियां होती हैं गोटियों कोे घर करके खेल में जीता जाता है।