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जूना की महंत बनेंगी ज्योर्तिविद आचार्य किरन

Mon, 01 Jul 2019 01:57 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2019 01:57 AM IST
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Kamal Nath sues Osd and his IAS husband
Kamal Nath sues Osd and his IAS husband - फोटो : CITY DESK
फोटो सहित
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जूना की श्रीमहंत बनेंगी ज्योतिर्विद आचार्य किरन
0 मौजगिरि मंदिर परिसर के जूना मुख्यालय में संन्यास दीक्षा आज
0 दावा, किसी भी अखाड़े में श्रीमहंत बनने वाली पहली दिव्यांग महिला
प्रयागराज। किन्नर अखाड़े और दंडी संन्यासियों को जोड़ने के साथ ही पंचदशनाम जूना अखाड़े की ओर से रविवार को एक और पहल की गई। अखाड़े ने लखनऊ स्थित साई ज्योतिष संस्थान की निदेशक ज्योतिर्विद गुरु माँ किरन आचार्य को अखाड़े से जोड़ते हुए श्रीमहंत की पदवी से विभूषित करने की घोषणा की है। ज्योतिर्विद किरन किसी भी अखाड़े में श्रीमहंत बनने वाली पहली दिव्यांग महिला हैं।
यमुना बैंक रोड स्थित जूना अखाड़े के मुख्यालय मौजगिरि मंदिर परिसर में संन्यास की प्रक्रिया आरंभ हुई। आचार्यों की ओर से संन्यास के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संकल्प के बाद क्षौरकर्म, गंगा स्नान, पिंडदान सहित अन्य समस्त दान दिए गए। रात्रि में विजयाहवन किया गया।
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जूना अखाड़े के संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि के मुताबिक सोमवार को मौजगिरि मंदिर में ही स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के आचार्यत्व में गुरु मां किरन आचार्य की संन्यास दीक्षा होगी। इसमें सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। विधिवत संन्यास के दौरान उनका नया नामकरण भी किया जाएगा। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में गुरु मां ने कहा, जूना से जुड़ने के बाद जरूरतमंदों विशेषकर दिव्यांगों, महिलाओं के लिए सेवाकार्य ही जीवन का लक्ष्य होगा।
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आरंभिक रूप से रहा अध्यापन से नाता
मूल रूप से इटावा और फिलहाल लखनऊ के गोमती नगर, विश्वास खंड में रहने वाली किरन लता शर्मा ने राजस्थान के वनस्थली विद्यापीठ से एमए, एमएड करने के बाद इटावा के चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर अध्यापन कार्य आरंभ किया। लेकिन, आठ महीने बाद ही उन्होंने त्यागपत्र देकर ज्योतिष की राह पकड़ ली। बीते दो दशकों से ज्यादा समय से ज्योतिष एवं अध्यात्म के माध्यम से जरूरतमंदों की सेवा में जुटीं गुरु मां को अध्यात्म एवं समाजसेवा के लिए पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका है।
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