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ट्रेन की 130 से 160 की रफ्तार करने में खर्च होंगे 2500 करोड़
Sun, 23 Aug 2020 01:00 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 23 Aug 2020 01:00 AM IST
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prayagraj news
- फोटो : prayagraj
मिशन रफ्तार के तहत उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज मंडल में चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने की कवायद शुरू कर दी है। 130 किमी प्रतिघंटा से 160 किमी प्रति घंटा तक ट्रेनों की स्पीड करने के लिए रेल प्रशासन प्रयागराज मंडल में तकरीबन 2500 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसका एस्टीमेट बनाकर रेलवे बोर्ड को भेज दिया है।
दरअसल अगले तीन वर्ष में दिल्ली-हावड़ा रूट के प्रयागराज मंडल के 760 किलोमीटर रूट पर चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा का लक्ष्य निर्धारित किया गय है। वर्तमान समय इस रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा है। हालांकि 130 की अधिकतम रफ्तार से केवल वही ट्रेनें चल रही हैं जिसमें एलएचबी कोच लगे हुए हैं।
अब मिशन रफ्तार के तहत इस रूट पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा करने के लिए रेलवे आधार भूत संरचना को सुधारने के लिए तकरीबन 2500 रुपये खर्च करेगा। किन मदों में कितना खर्च आएगा इसके लिए प्रयागराज मंडल की ओर से अभी हाल ही में रेलवे बोर्ड को बजट का पूरा ब्यौरा भेज दिया गया है। अफसरों को उम्मीद है कि बोर्ड इस एस्टीमेट को स्वीकृत कर देगा।
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बता दें कि 160 किमी की अधिकतम रफ्तार के लिए गाजियाबाद-अलीगढ-कानपुर-प्रयागराज-दीन दयाल उपाध्याय तक प्रयागराज मंडल को काफी काम भी करने हैं। इसमें मुख्य रूप से सिगनलिंग का सुधार है। इसके अलावा ट्रैक पर जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए ट्रैक के दोनों ओर दीवार, थिक वेब स्विच, ओएचई वायर की थिकनेस बढ़ाने आदि का काम किया जाना है।
प्रयागराज मंडल में यह कार्य पूरा होने की डेड लाइन सितंबर 2023 तय की है। इस बारे में डीआरएम अमिताभ का कहना है कि मिशन रफ्तार महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। रेलवे बोर्ड ने दिल्ली-हावड़ा एवं दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दिल्ली-हावड़ा रूट का आधा हिस्सा प्रयागराज मंडल में ही शामिल है। यहां ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए तमाम जरूरी कार्य किए जाने हैं। इसका तकरीबन 2500 करोड़ का बजट है।
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दरअसल अगले तीन वर्ष में दिल्ली-हावड़ा रूट के प्रयागराज मंडल के 760 किलोमीटर रूट पर चलने वाली ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा का लक्ष्य निर्धारित किया गय है। वर्तमान समय इस रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 130 किमी प्रतिघंटा है। हालांकि 130 की अधिकतम रफ्तार से केवल वही ट्रेनें चल रही हैं जिसमें एलएचबी कोच लगे हुए हैं।
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अब मिशन रफ्तार के तहत इस रूट पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 160 किमी प्रतिघंटा करने के लिए रेलवे आधार भूत संरचना को सुधारने के लिए तकरीबन 2500 रुपये खर्च करेगा। किन मदों में कितना खर्च आएगा इसके लिए प्रयागराज मंडल की ओर से अभी हाल ही में रेलवे बोर्ड को बजट का पूरा ब्यौरा भेज दिया गया है। अफसरों को उम्मीद है कि बोर्ड इस एस्टीमेट को स्वीकृत कर देगा।
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बता दें कि 160 किमी की अधिकतम रफ्तार के लिए गाजियाबाद-अलीगढ-कानपुर-प्रयागराज-दीन दयाल उपाध्याय तक प्रयागराज मंडल को काफी काम भी करने हैं। इसमें मुख्य रूप से सिगनलिंग का सुधार है। इसके अलावा ट्रैक पर जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए ट्रैक के दोनों ओर दीवार, थिक वेब स्विच, ओएचई वायर की थिकनेस बढ़ाने आदि का काम किया जाना है।
प्रयागराज मंडल में यह कार्य पूरा होने की डेड लाइन सितंबर 2023 तय की है। इस बारे में डीआरएम अमिताभ का कहना है कि मिशन रफ्तार महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। रेलवे बोर्ड ने दिल्ली-हावड़ा एवं दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रतिघंटा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दिल्ली-हावड़ा रूट का आधा हिस्सा प्रयागराज मंडल में ही शामिल है। यहां ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए तमाम जरूरी कार्य किए जाने हैं। इसका तकरीबन 2500 करोड़ का बजट है।