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इंस्पेक्टर बने द्वितीय अधिकारी, दरोगा कर रहे थानेदारी
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Inspector becomes second officer, inspector is police station
प्रयागराज। जिले में डीजीपी का आदेश भी बेअसर साबित हो रहा है। हाल यह है कि दरोगा प्रभारी बने हुए हैं और इंस्पेक्टर थानों के द्वितीय अधिकारी बन कर घूम रहे हैं। यही नहीं थानाध्यक्ष के लिए अनुमोदन न होने के बावजूद एक दरोगा एसओ बना हुआ है।
जिले में स्थित थानों में प्रभारी की तैनाती के संबंध मेें 2016 में मुख्यालय से आदेश जारी कर कहा गया था कि कुल 39 में से छह थानों को छोड़कर अन्य सभी में प्रभारी इंस्पेक्टरों हों। जिन छह थानों में एसओ की तैनाती का प्रावधान था, उनमें यमुनापार के पांच व गंगापार का एक थाना था। शहर के सभी थानों में इंस्पेक्टरों की ही तैनाती की जानी थी। हालांकि पूर्व एसएसपी अतुल शर्मा के कार्यकाल में इस आदेश को ताक पर रखकर थोक में थानों का चार्ज दरोगाओं को सौंप दिया गया। उनके निलंबित होने के बाद माना जा रहा था कि आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। मौजूदा समय में जिले के 12 थानोें के प्रभारी के तौर पर दरोगाअेां की तैनाती है। इनमें दारागंज, शिवकुटी व शाहगंज शहर के थाने हैं।
अनुमोदन सूची में नाम नहीं, फिर भी मिला चार्ज
पूर्व एसएसपी के कार्यकाल में बिना अनुमोदन के ही एक दरोगा को थाने का चार्ज दे दिया गया। यमुनापार स्थित इस थाने के दरोगा के पास एक और अहम प्रभार है। वर्ष 2019 के लिए जारी अनुमोदन सूची में भी दरोगा का नाम नहीं है। यह हाल तब है जबकि अगस्त में डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर में साफ निर्देश थे कि अनुमोदन सूची में सम्मिलित नामों के अलावा अन्य कोई इंस्पेक्टर/दरोगा थानों पर बतौर प्रभारी तैनात न हो।
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डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर में जो भी आदेश दिए गए हैं, उनका अक्षरश: पालन कराया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे।
सुजीत कुमार पांडेय, एडीजी जोन
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जिले में स्थित थानों में प्रभारी की तैनाती के संबंध मेें 2016 में मुख्यालय से आदेश जारी कर कहा गया था कि कुल 39 में से छह थानों को छोड़कर अन्य सभी में प्रभारी इंस्पेक्टरों हों। जिन छह थानों में एसओ की तैनाती का प्रावधान था, उनमें यमुनापार के पांच व गंगापार का एक थाना था। शहर के सभी थानों में इंस्पेक्टरों की ही तैनाती की जानी थी। हालांकि पूर्व एसएसपी अतुल शर्मा के कार्यकाल में इस आदेश को ताक पर रखकर थोक में थानों का चार्ज दरोगाओं को सौंप दिया गया। उनके निलंबित होने के बाद माना जा रहा था कि आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। मौजूदा समय में जिले के 12 थानोें के प्रभारी के तौर पर दरोगाअेां की तैनाती है। इनमें दारागंज, शिवकुटी व शाहगंज शहर के थाने हैं।
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अनुमोदन सूची में नाम नहीं, फिर भी मिला चार्ज
पूर्व एसएसपी के कार्यकाल में बिना अनुमोदन के ही एक दरोगा को थाने का चार्ज दे दिया गया। यमुनापार स्थित इस थाने के दरोगा के पास एक और अहम प्रभार है। वर्ष 2019 के लिए जारी अनुमोदन सूची में भी दरोगा का नाम नहीं है। यह हाल तब है जबकि अगस्त में डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर में साफ निर्देश थे कि अनुमोदन सूची में सम्मिलित नामों के अलावा अन्य कोई इंस्पेक्टर/दरोगा थानों पर बतौर प्रभारी तैनात न हो।
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डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर में जो भी आदेश दिए गए हैं, उनका अक्षरश: पालन कराया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे।
सुजीत कुमार पांडेय, एडीजी जोन