Prayagraj : विद्यालय में दो घंटे कैद रहा मासूम, शिक्षकों ने बिना देखे स्कूल कर दिया बंद, वीडियो वायरल
बच्चे के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण पहुंच गए। बीएसए से इसकी शिकायत की गई। बीएसए की फटकार के बाद पहुंचे विद्यालय के शिक्षकों ने गेट खोला तब जाकर बच्चा बाहर आ सका। इससे अभिभावकों में शिक्षकों के प्रति गहरी नाराजगी है। इसको अक्षम्य मानते हुए बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
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प्रयागराज में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शिक्षकों ने विद्यालय जल्दी बंद करने के चक्कर में एक बच्चे को स्कूल में ही छोड़ दिया और बाहर से ताला लगाकर चले गए। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण पहुंच गए। बीएसए से इसकी शिकायत की गई। बीएसए की फटकार के बाद पहुंचे विद्यालय के शिक्षकों ने गेट खोला तब जाकर बच्चा बाहर आ सका। इससे अभिभावकों में शिक्षकों के प्रति गहरी नाराजगी है। इसको अक्षम्य मानते हुए बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
मामला मेजा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय लोहरा का है। सोमवार को विद्यालय के स्टाफ ने समय से आधे घंटे पहले ही विद्यालय बंद कर दिया। बच्चों को बताया गया कि वह डिजिटल अटेंडेंस के खिलाफ आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे हैं। विद्यालय से बच्चों की छुट्टी कर दी गई और स्कूल में बाहर से ताला लगा दिया गया। कुछ देर बाद स्कूल के अंदर से बच्चे के रोने और चीखने चिल्लाने की आवाज आई ग्रामीण जुट गए।
इसी दौरान किसी ने स्कूल में कैद बच्चे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। घटना की जानकारी बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी को भी दी गई। बीएसए की फटकार के बाद स्कूल पहुंचने शिक्षकों ने ताला खोला तब जाकर बच्चे को बाहर निकाला जा सका। बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच कराने की बात कही जा रही है। बच्चा दोपहर दो बजे से ढाई बजे तक स्कूल मे ंकैद रहा।
बहन के साथ पढ़ने आया था शिवांश
साढ़े तीन वर्ष का शिवांश अपनी बड़ी बहन शिवानी के साथ स्कूल आया था। छुट्टी होने के बाद बहन को लगा कि शिवांश घर जा चुका है और वह अकेले चली गई।