प्रयागराज : पिता-पुत्र समेत छह लोगों को आजीवन कारावास, सेशन कोर्ट ने सुनाई सजा
दो अलग अगल मामलों में जिला न्यायालय ने पिता पुत्र समेत छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक घटना मेजा थाना क्षेत्र जबकि दूसरी घटना जिले के सरायममरेज थाना क्षेत्र से संबंधित है।
विस्तार
बंटवारे के विवाद को लेकर हुई चाचा की हत्या में तीन को उम्रकैद
जिला न्यायालय ने बंटवारे के विवाद को लेकर हुई हत्या में आरोप साबित होने पर अभियुक्त भतीजे बीरबल यादव और दो अन्य कमलेश यादव और मदन यादव को उम्र कैद और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। उक्त प्रकरण में निर्णय के समय एक अन्य अभियुक्त जितेंद्र कुमार यादव अनुपस्थित था, जिसकी ओर से हाजिरी माफ किए जाने की अर्जी प्रस्तुत की गई। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम किशोर शुक्ला ने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीशचंद्र तिवारी और एडीजीसी हरि नारायण शुक्ला तथा वादी के अधिवक्ता रानेंद्र प्रताप सिंह एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुन कर दिया है। घटना 16 मई 2013 की मेजा थाने के ग्राम अभिलहवा की है। वादी रणविजय यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि परिवार के लोगों से बंटवारे का विवाद चल रहा था।
इसी को लेकर 16 मई की रात उसके पिता इंद्र बहादुर यादव उर्फ मल्लू दुकान पर सोने के लिए जा रहे थे कि अभियुक्तगण जितेंद्र कुमार यादव, बीरबल यादव, कमलेश यादव और मदन यादव एकाएक घेरकर उसके पिताजी को लाठी-डंडों से सिर पर प्रहार करके मारने लगे। गंभीर रूप से घायल इंद्र बहादुर की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गई। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए आठ गवाह पेश किए। आरोप साबित होने पर अदालत ने तीनों अभियुक्तों को उम्र कैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
भूमि विवाद में हुई हत्या में पिता-पुत्र सहित तीन को उम्र कैद
जिला न्यायालय ने भूमि विवाद को लेकर हुई हत्या में आरोप साबित होने पर आरोपी शालिग राम यादव और उनके दो पुत्रों मनोज यादव और महेश यादव को उम्र कैद और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त मनोज कुमार को आयुध अधिनियम के तहत तीन वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है।
यह निर्णय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रश्मि सिंह ने एडीजीसी जय कांत तिवारी और उमा शंकर शर्मा तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। घटना 28 मार्च 2011 की थाना सराय ममरेज के अनुवा गांव की है। वादी लाल चंद यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके चचेरे भाई गजाधर उर्फ शिवकुमार से 28 मार्च की सुबह जमीन को लेकर अभियुक्त गण की कहासुनी हुई थी। अभियुक्तगणों ने जान से मारने की धमकी दी थी।
उसी दिन शाम को गजाधर और ओम प्रकाश यादव भेलखा बाजार से घर वापस आ रहे थे। तभी रास्ते में अभियुक्त गणों ने ललकारा और अभियुक्त मनोज यादव ने तमंचा से फायर कर दिया। गोली गजाधर और ओम प्रकाश को लगी। दोनों को अस्पताल लेकर गए, जहां गजाधर की मृत्यु हो गई। घटना में ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
आरोप साबित होने पर अदालत ने शालिग्राम यादव और उनके दोनों पुत्र मनोज यादव और महेश यादव को हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में उम्र कैद और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माने की आधी धनराशि ओम प्रकाश को दिए जाने का आदेश दिया है।
दहेज हत्या में पति को सात साल की कैद
जिला न्यायालय ने दहेज हत्या का आरोप साबित होने पर आरोपी पति कृष्ण कुमार गौतम को सात साल की कैद और 23 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिताली गोविंदराव ने एडीजीसी अशोक कुमार मौर्य और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुन कर दिया है।
घटना 23 अप्रैल 2016 की थाना करछना की है। वादी राम अवतार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि प्रार्थी की नातिन शीला अपने नाना के साथ करछना में रहती थी। उसी समय आरोपी कृष्ण कुमार उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया था और बाद में शादी कर ली थी। कुछ समय बाद अभियुक्त दहेज की मांग को लेकर मृतका शीला को मारता पीटता और प्रताड़ित करता था और मांग पूरी ना होने पर उसे जला डाला। उसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। अदालत ने जुर्माने की धनराशि 75,000 रुपये मृतका की नाबालिग पुत्री के नाम फिक्स डिपाजिट किए जाने का आदेश दिया है।