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कैट के दबाव में टीसीएस में संशोधन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:55 AM IST
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने टैक्स कलेक्टेट एट सोर्स (टीसीएस) में संशोधन कंफडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के दबाव में किया। यह दावा है कैट के पूर्वी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष महेंद्र गोयल का। शनिवार को लूकरगंज में हुई बैठक में उन्होंने बताया कि टीसीएस की विसंगतियों को लेकर कुछ दिन पूर्व एक प्रतिनिधिमंडल बोर्ड के अधिकारियों से मिला था। संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल एवं देश के छह करोड़ व्यापारियों के दबाव में बोर्ड ने टीसीएस के नियमों में बदलाव का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि इसके परिणाम स्वरूप बोर्ड ने हाल ही में आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई नगद बिक्री, जिसमें भुगतान की रकम दो लाख रुपये से ज्यादा होगी, उसी पर एक प्रतिशत टीसीएस लिया जाएगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि किसी दुकानदार ने एक बिल पर पांच लाख रुपये की बिक्री की और उसका भुगतान तीन लाख नगद एवं दो लाख चेक से प्राप्त होता है तो दुकानदार तीन लाख रुपये पर एक प्रतिशत टीसीएस काटेगा। इसके साथ यदि मात्र 1.50 नगद एवं शेष 3.50 लाख रुपये चेक से भुगतान प्राप्त होता है तो कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा।
बताया कि आभूषणों की स्थिति में यह पांच लाख से अधिक है। टीसीएस में टीडीएस की तरह ही क्रेता अपने वार्षिक रिटर्न में रिफंड के लिए क्लेम कर सकता है। शहर अध्यक्ष सुमित केसरवानी ने बताया कि कैट कानून को पढ़कर एवं उसकी बारीकियों को लेकर संबंधित मंत्री और अफसरों से बात करता है। इसका का नजीता है कि केंद्र सरकार को व्यापारियों की परेशानी सुनना और समाधान करना पड़ा। बैठक में पियूष अग्रवाल, शरद सिंघल, अजय गुप्ता, मनोज अग्रवाल, संजीव गुप्ता, विशाल गुप्ता, रिषी केसरवानी, अजीत लालवानी, तुलसी दास, अनंत गोयल, कमल मेहरोत्रा आदि बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।
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उन्होंने बताया कि इसके परिणाम स्वरूप बोर्ड ने हाल ही में आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई नगद बिक्री, जिसमें भुगतान की रकम दो लाख रुपये से ज्यादा होगी, उसी पर एक प्रतिशत टीसीएस लिया जाएगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि यदि किसी दुकानदार ने एक बिल पर पांच लाख रुपये की बिक्री की और उसका भुगतान तीन लाख नगद एवं दो लाख चेक से प्राप्त होता है तो दुकानदार तीन लाख रुपये पर एक प्रतिशत टीसीएस काटेगा। इसके साथ यदि मात्र 1.50 नगद एवं शेष 3.50 लाख रुपये चेक से भुगतान प्राप्त होता है तो कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा।
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बताया कि आभूषणों की स्थिति में यह पांच लाख से अधिक है। टीसीएस में टीडीएस की तरह ही क्रेता अपने वार्षिक रिटर्न में रिफंड के लिए क्लेम कर सकता है। शहर अध्यक्ष सुमित केसरवानी ने बताया कि कैट कानून को पढ़कर एवं उसकी बारीकियों को लेकर संबंधित मंत्री और अफसरों से बात करता है। इसका का नजीता है कि केंद्र सरकार को व्यापारियों की परेशानी सुनना और समाधान करना पड़ा। बैठक में पियूष अग्रवाल, शरद सिंघल, अजय गुप्ता, मनोज अग्रवाल, संजीव गुप्ता, विशाल गुप्ता, रिषी केसरवानी, अजीत लालवानी, तुलसी दास, अनंत गोयल, कमल मेहरोत्रा आदि बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।
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