Prayagraj : एसआरएन में दो डॉक्टरों ने एंबुलेंस ड्राइवर को पीटा, सिर की हड्डी टूटी, कान का पर्दा फटा, केस दर्ज
एसआरएन अस्पताल में तैनात दो डॉक्टरों ने एंबुलेंस ड्राइवर बुधराम को इस कदर पीटा कि सिर की हड्डी टूटने के साथ ही उसके कान का पर्दा फट गया। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
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एसआरएन अस्पताल में तैनात दो डॉक्टरों ने एंबुलेंस ड्राइवर बुधराम को इस कदर पीटा कि सिर की हड्डी टूटने के साथ ही उसके कान का पर्दा फट गया। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उधर घायल ड्राइवर के भाई की तहरीर पर कोतवाली में डॉक्टरों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।बुधराम मूल रूप से हिनौता महेवाघाट जनपद कौशाम्बी का रहने वाला है। उसके भाई रज्जन प्रसाद ने बताया कि उसका भाई प्राइवेट एंबुलेंस चलाता है।
उसका आरोप है कि 16 जनवरी को रात 11 बजे एसआरएन अस्पताल के ईएमओ डॉ. अभिषेक द्विवेदी, संविदा चिकित्सक डॉ. सीपी पांडेय व तीन अन्य लोगों ने चाय मंगवाने के बहाने उसके भाई को ट्रामा सेंटर में बुलाया। इसके बाद जातिसूचक गालियां देते हुए उसे पीटना शुरू कर दिया।
बेतहाशा पिटाई में उसके सिर की एक हड्डी टूटने के साथ ही कान का पर्दा फट गया। तीन दिन तक एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। मौजूदा समय में उसका इलाज झलवा स्थित अस्पताल में चल रहा है और हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। कोतवाली प्रभारी मुदित राय ने बताया कि आरोपियों पर एससीएसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
अवैध एंबुलेंस से होने वाली कमाई का है विवाद
सूत्रों का कहना है कि यह घटना अवैध एंबुलेंस से होने वाली कमाई के विवाद से जुड़ी है। एसआरएन अस्पताल परिसर से बड़ी संख्या में अवैध रूप से एंबुलेंस का संचालन होता है। यह खेल कुछ पुलिसकर्मियों व अस्पतालकर्मियों की मदद से होता है। एंबुलेंस चालक तीमारदारों व मरीजाें की मजबूरी का फायदा उठाकर कई गुना ज्यादा दाम वसूलते हैं। इसके बदले में पुलिसकर्मी व अस्पताल कर्मचारी व कुछ डॉक्टर उनसे ''''सेवा'''' लेते हैं। 16 जनवरी को एंबुलेंस चालक बुधराम व डॉक्टरों में विवाद भी इसी बात को लेकर हुआ। हालांकि इस बारे में कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।