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रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय में शुरू हुईं ऑनलाइन कक्षाएं
Thu, 20 May 2021 07:52 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 20 May 2021 07:52 PM IST
सार
- रोस्टर के अनुसार आएंगे शिक्षक, परिसर में नहीं होगी छात्रों की उपस्थिति
- रोस्टर के अनुसार आएंगे आधे कर्मचारी, परिसर में नहीं होगी छात्रों की उपस्थिति
- उच्च शिक्षा विभाग की डिजिटल लाइब्रेरी भी छात्र-छात्राओं के लिए होगी मददगार
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स्टेट यूनिवर्सिटी
- फोटो : file photo
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विस्तार
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय एवं संघटक महाविद्यालयों के परिसर भी खोल दिए गए। परिसर को सैनिटाइज भी कराया गया। कामकाज फिर से शुरू हो सके, इसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रोस्टर में बुलाया गया है। शिक्षकों की उपस्थित पर कुलपति/प्रधानाचार्य निर्णय लेंगे, जबकि छात्र-छात्राओं की उपस्थिति परिसर में होगी।
कोविड संक्रमण के मामले तेजी से बढने के कारण शासन के निर्देश पर राज्य विश्वविद्यालय परिसर को पांच मई को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। कक्षाओं का संचालन भी बंद था, लेकिन शासन के निर्देश पर 20 मई से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया है। ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति ने सभी संघटक महाविद्यालयों को पत्र भी जारी किया है।
परिसर खुलने के बाद सैनिटाइजेशन का कार्य भी कराया गया और कर्मचारी-अधिकारियों को रोस्टर के अनुरूप विश्वविद्यालय एवं कॉलेज परिसर में आने के लिए कहा गया। शासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी में प्रदेश के सर्वोत्तम शिक्षकों द्वारा उत्कृष्ट ई-कंटेंट अपलोड किए गए हैं। ऐसे में प्रदेश के छात्रों को इसका सर्वाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए।
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इसके साथ ही पसिर में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर संबंधित कुलपति/प्रधानाचार्य निणर्य लेंगे। हालांकि शासन ने कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि समूह ‘ख’, ‘ग’ एवं ‘घ’ के कार्मिकों की 50 फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक रोस्टर इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि ऐसे कर्मचारी अल्टरनेट या वैकल्पिक रूप से कार्यालय आएंगे और शेष 50 फीसदी कर्मचारी घर से ही कार्य करेंगे। इसके अलावा अगर शिक्षकों/छात्रों के संक्रमित होने या निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद किसी अन्य प्रकार की चिकित्सकीय कठिनाई सामने आती है तो इन परिस्थितियों में संबंधित छात्र या शिक्षक के पठन-पाठन ऑनलाइन जारी रखने या न रखने के बारे में कुलपति, विभागाध्यक्ष या प्रधानाचार्य कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार अपने स्तर से निर्णय ले सकेंगे।
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कोविड संक्रमण के मामले तेजी से बढने के कारण शासन के निर्देश पर राज्य विश्वविद्यालय परिसर को पांच मई को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। कक्षाओं का संचालन भी बंद था, लेकिन शासन के निर्देश पर 20 मई से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया है। ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के लिए राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति ने सभी संघटक महाविद्यालयों को पत्र भी जारी किया है।
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परिसर खुलने के बाद सैनिटाइजेशन का कार्य भी कराया गया और कर्मचारी-अधिकारियों को रोस्टर के अनुरूप विश्वविद्यालय एवं कॉलेज परिसर में आने के लिए कहा गया। शासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा डिजिटल लाइब्रेरी में प्रदेश के सर्वोत्तम शिक्षकों द्वारा उत्कृष्ट ई-कंटेंट अपलोड किए गए हैं। ऐसे में प्रदेश के छात्रों को इसका सर्वाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए।
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इसके साथ ही पसिर में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर संबंधित कुलपति/प्रधानाचार्य निणर्य लेंगे। हालांकि शासन ने कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि समूह ‘ख’, ‘ग’ एवं ‘घ’ के कार्मिकों की 50 फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक रोस्टर इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि ऐसे कर्मचारी अल्टरनेट या वैकल्पिक रूप से कार्यालय आएंगे और शेष 50 फीसदी कर्मचारी घर से ही कार्य करेंगे। इसके अलावा अगर शिक्षकों/छात्रों के संक्रमित होने या निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद किसी अन्य प्रकार की चिकित्सकीय कठिनाई सामने आती है तो इन परिस्थितियों में संबंधित छात्र या शिक्षक के पठन-पाठन ऑनलाइन जारी रखने या न रखने के बारे में कुलपति, विभागाध्यक्ष या प्रधानाचार्य कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार अपने स्तर से निर्णय ले सकेंगे।