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दो जगह से परीक्षा दी तो होंगे डिबार
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
Updated Wed, 21 Aug 2019 12:05 PM IST
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पूर्व में हुई गड़बड़ियों के मद्देनजर कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने भर्ती परीक्षाओं में कई सख्त कदम उठाए हैं। आयोग ने कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल-2016 (सीएचएसएल) टीयर-वन की दो जगह से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को तीन साल के लिए डिबार करने का निर्णय लिया है। आयोग ने परीक्षा में अवरोध उत्पन्न करने वालों को भी डिबार करने के साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऑनलाइन परीक्षा सात जनवरी से शुरू होगी।
सीएचएसएल-2015 में 5792 ऐसे अभ्यर्थी थे जो दो जगह से परीक्षा में शामिल हुए थे। ऐसे अभ्यर्थियों को आयोग ने डिबार कर दिया था। अभ्यर्थियों की इस तरह की धांधली को देखते हुए सीएचएसएल-2016 के लिए इस बाबत नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा आयोग कंबाइंड ग्रेेजुएट लेवल (सीजीएल) में कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा में व्यवधान पहुंचाने की कोशिश की थी। वे परीक्षा की वीडियोग्राफी कराने का विरोध कर रहे थे।
परीक्षा में व्यवधान की वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने दोबारा एग्जाम कराने की मांग की है। आयोग ने उनसे शिकायतें भी मांगी थीं। इस तरह की गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए भी आयोग ने सख्त कदम उठाया है। आयोग ने निर्देश जारी किया है कि परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न करने वालों का अभ्यर्थन निरस्त और डिबार करने के साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसी स्थिति में दोबारा परीक्षा भी नहीं कराई जाएगी।
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सीएचएसएल-2015 में 5792 ऐसे अभ्यर्थी थे जो दो जगह से परीक्षा में शामिल हुए थे। ऐसे अभ्यर्थियों को आयोग ने डिबार कर दिया था। अभ्यर्थियों की इस तरह की धांधली को देखते हुए सीएचएसएल-2016 के लिए इस बाबत नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा आयोग कंबाइंड ग्रेेजुएट लेवल (सीजीएल) में कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा में व्यवधान पहुंचाने की कोशिश की थी। वे परीक्षा की वीडियोग्राफी कराने का विरोध कर रहे थे।
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परीक्षा में व्यवधान की वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने दोबारा एग्जाम कराने की मांग की है। आयोग ने उनसे शिकायतें भी मांगी थीं। इस तरह की गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए भी आयोग ने सख्त कदम उठाया है। आयोग ने निर्देश जारी किया है कि परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न करने वालों का अभ्यर्थन निरस्त और डिबार करने के साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसी स्थिति में दोबारा परीक्षा भी नहीं कराई जाएगी।
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