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हटेगी रेलिंग, दोनों तरफ बनेगी आरसीसी सड़क
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:51 AM IST
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मसानीगाड़ पुल
- फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद। सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग पर पत्थर गिरजाघर से हनुमान मंदिर चौराहा तक 1450 मीटर हिस्से में अब सड़क के दोनों ओर आरसीसी सड़क एवं ग्रीनरी बनेगी। मुख्य सचिव दीपक सिंघल के आदेश के बाद डिजाइन में संशोधन किया गया है। आरसीसी सड़क का काम शीघ्र शुरू होगा। डिजाइन में परिवर्तन के बाद काम पूरा होने में अब 30 सितंबर तक का समय लग सकता है।
एडीए सिविल लाइंस में 43.70 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण का कार्य करा रहा है। यह काम नवंबर 2015 में शुरू किया, जिसे पांच अगस्त तक पूरा हो जाना था लेकिन शुरू से ही काम की रफ्तार धीमी होने के कारण तय समय तक आधा काम भी नहीं हो सका। एक अगस्त को यहां आए मुख्य सचिव दीपक सिंघल काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए छह अगस्त तक ज्यादा से ज्यादा काम पूरा करने की हिदायत दी थी। छह अगस्त को मुख्य सचिव ने सिविल लाइंस का निरीक्षण किया और सड़क की चौड़ाई बढ़ाने, साइकिल ट्रैक बनाने का भी फरमान जारी कर दिया।
इसके बाद डक्ट बनाने के अलावा शेष काम रोक दिए गए। फिर डिजाइन में संशोधन हुआ। इसके तहत पत्थर गिरजाघर से हनुमान मंदिर तक सड़क के दोनों ओर से रेलिंग हटाई जाएगी लेकिन जिस आरसीसी दीवार पर रेलिंग लगाई गई थी, उसे नहीं हटाया जाएगा, बल्कि नई डिजाइन के तहत पेड़ों के दूसरी तरफ भी इसी तरह ही वॉल बनाई जाएगी। करीब चार फीट चौड़े इस हिस्से में पेड़ सुरक्षित रहेंगे। शेष पूरे पॉकेट को ग्रीनरी के रूप में विकसित किया जाएगा। आरसीसी वॉल के बाद से डक्ट तक आरसीसी सड़क बनाई जाएगी। छह इंच मोटी इस सड़क के लिए चार आरसीएम मशीनें लगाई जाएंगी। इसमें से दो मशीने आगरा से मंगाई गई हैं, जो शनिवार रात को यहां पहुंच गई। एडीए वीसी देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि मुख्य सचिव के आदेश के तहत काम शुरू कर दिया गया है। अभियंताओं को इसे तेजी से पूरा करने की हिदायत दी गई है। सभी काम तय समय में पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पांच सौ मीटर तक लग चुकी है रेलिंग
इलाहाबाद। सिविल लाइंस में सड़क के दोनों ओर करीब पांच सौ मीटर हिस्से में लोहे की रेलिंग लग चुकी है। पत्थर गिरजाघर से होटल हर्ष चौराहा एवं हनुमान मंदिर से बस अड्डे चौराहा तक रेलिंग को हरे रंग से पेंट भी कर दिया गया है। अब इन रेलिंग का इस्तेमाल एडीए अपनी आवासीय योजनाओं में करेगा।
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एडीए सिविल लाइंस में 43.70 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण का कार्य करा रहा है। यह काम नवंबर 2015 में शुरू किया, जिसे पांच अगस्त तक पूरा हो जाना था लेकिन शुरू से ही काम की रफ्तार धीमी होने के कारण तय समय तक आधा काम भी नहीं हो सका। एक अगस्त को यहां आए मुख्य सचिव दीपक सिंघल काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए छह अगस्त तक ज्यादा से ज्यादा काम पूरा करने की हिदायत दी थी। छह अगस्त को मुख्य सचिव ने सिविल लाइंस का निरीक्षण किया और सड़क की चौड़ाई बढ़ाने, साइकिल ट्रैक बनाने का भी फरमान जारी कर दिया।
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इसके बाद डक्ट बनाने के अलावा शेष काम रोक दिए गए। फिर डिजाइन में संशोधन हुआ। इसके तहत पत्थर गिरजाघर से हनुमान मंदिर तक सड़क के दोनों ओर से रेलिंग हटाई जाएगी लेकिन जिस आरसीसी दीवार पर रेलिंग लगाई गई थी, उसे नहीं हटाया जाएगा, बल्कि नई डिजाइन के तहत पेड़ों के दूसरी तरफ भी इसी तरह ही वॉल बनाई जाएगी। करीब चार फीट चौड़े इस हिस्से में पेड़ सुरक्षित रहेंगे। शेष पूरे पॉकेट को ग्रीनरी के रूप में विकसित किया जाएगा। आरसीसी वॉल के बाद से डक्ट तक आरसीसी सड़क बनाई जाएगी। छह इंच मोटी इस सड़क के लिए चार आरसीएम मशीनें लगाई जाएंगी। इसमें से दो मशीने आगरा से मंगाई गई हैं, जो शनिवार रात को यहां पहुंच गई। एडीए वीसी देवेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि मुख्य सचिव के आदेश के तहत काम शुरू कर दिया गया है। अभियंताओं को इसे तेजी से पूरा करने की हिदायत दी गई है। सभी काम तय समय में पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पांच सौ मीटर तक लग चुकी है रेलिंग
इलाहाबाद। सिविल लाइंस में सड़क के दोनों ओर करीब पांच सौ मीटर हिस्से में लोहे की रेलिंग लग चुकी है। पत्थर गिरजाघर से होटल हर्ष चौराहा एवं हनुमान मंदिर से बस अड्डे चौराहा तक रेलिंग को हरे रंग से पेंट भी कर दिया गया है। अब इन रेलिंग का इस्तेमाल एडीए अपनी आवासीय योजनाओं में करेगा।