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Prayagraj News: होटल और शादियों का बिगड़ा बजट...दोगुने हो गए कमर्शियल सिलिंडर के दाम
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हरजिंदर सिंह
तेल कंपनियों की ओर से बृहस्पतिवार को कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में की गई वृद्धि से लोगों का आर्थिक समीकरण बिगड़ सकता है। 993 रुपये की बढ़ोतरी के साथ जनवरी से अब तक सिलिंडर की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है।
अप्रैल माह में जो कमर्शियल सिलिंडर 2254 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर 3247 रुपये हो गई है। इस झटके से न केवल औद्योगिक क्षेत्र बल्कि वैवाहिक आयोजनों और खान पान के कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। पांच किलो वाले छोटे सिलिंडर के दाम में भी 261 रुपये का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब यह 589 रुपये की जगह 850 रुपये में मिलेगा।
गहरा असर होटल एवं रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में रेस्टोरेंट में खाना और नाश्ता महंगा होना तय माना जा रहा है। प्रयागराज होटल एवं रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार के इस कदम पर गहरी निराशा व्यक्त की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि इस जनविरोधी निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए ताकि उद्योगों को राहत मिल सके।
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जिनके घरों में है शादी, उनकी बढ़ी चिंता
- कमर्शियल सिलिंडर के बढ़े दाम ने उन परिवारों की चिंता भी बढ़ा दी है जिनके घरों में शादियां हैं। वैवाहिक सीजन के बीच सिलिंडर के दामों में तकरीबन एक हजार रुपये की बढ़ोतरी होने से कैटरिंग का खर्च बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर, यदि एक शादी में औसत दस सिलिंडर की खपत होती है, तो परिवार का बजट सीधे तौर पर 10,000 बढ़ जाएगा। स्थानीय उद्योगों पर भी इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि ऊर्जा लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा होगा और बाजार में प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाएगा।
वर्जन
- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और यहां तक कि सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ी-पटरी वालों का मुख्य खर्च ईंधन ही होता है। सिलिंडर के दाम बढ़ने से थाली, स्नैक्स और चाय-कॉफी के दाम बढ़ सकते हैं।
- हरजिंदर सिंह, अध्यक्ष प्रयागराज होटल एवं रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन
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जो लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खाना मंगवाते हैं या बेकरी (ब्रेड, बिस्किट, केक) उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी अधिक कीमत चुकानी होगी क्योंकि इन व्यवसायों में भारी मात्रा में कमर्शियल गैस का उपयोग होता है।
- महेंद्र गोयल, प्रदेश अध्यक्ष, कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
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एमएसएमई सेक्टर और छोटे कारखाने जो एलपीजी का उपयोग करते हैं, उनकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। जब सामान बनाने की लागत बढ़ेगी, तो वे उत्पाद बाजार में महंगे बिकेंगे।
- राजीव नायर, अध्यक्ष नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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पेट्रोल-डीजल के दाम अभी स्थिर हैं, लेकिन गैस की इस बड़ी वृद्धि से सप्लाई चेन में दबाव आता है। अगर आने वाले दिनों में ईंधन के अन्य विकल्पों पर भी असर पड़ता है, तो माल ढुलाई महंगी होने से फल-सब्जी और राशन के दाम भी बढ़ सकते हैं।
- धनंजय सिंह, अध्यक्ष, मुंडेरा व्यापार मंडल।
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इस तरह से बढ़े
जनवरी 2026 : 1867.50
फरवरी 2026 : 1916.50
मार्च 2026 : 1944.50
अप्रैल 2026 : 2254.50
मई 2026 : 3,247
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अप्रैल माह में जो कमर्शियल सिलिंडर 2254 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर 3247 रुपये हो गई है। इस झटके से न केवल औद्योगिक क्षेत्र बल्कि वैवाहिक आयोजनों और खान पान के कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। पांच किलो वाले छोटे सिलिंडर के दाम में भी 261 रुपये का इजाफा किया गया है, जिसके बाद अब यह 589 रुपये की जगह 850 रुपये में मिलेगा।
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गहरा असर होटल एवं रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में रेस्टोरेंट में खाना और नाश्ता महंगा होना तय माना जा रहा है। प्रयागराज होटल एवं रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार के इस कदम पर गहरी निराशा व्यक्त की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि इस जनविरोधी निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए ताकि उद्योगों को राहत मिल सके।
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जिनके घरों में है शादी, उनकी बढ़ी चिंता
- कमर्शियल सिलिंडर के बढ़े दाम ने उन परिवारों की चिंता भी बढ़ा दी है जिनके घरों में शादियां हैं। वैवाहिक सीजन के बीच सिलिंडर के दामों में तकरीबन एक हजार रुपये की बढ़ोतरी होने से कैटरिंग का खर्च बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर, यदि एक शादी में औसत दस सिलिंडर की खपत होती है, तो परिवार का बजट सीधे तौर पर 10,000 बढ़ जाएगा। स्थानीय उद्योगों पर भी इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि ऊर्जा लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा होगा और बाजार में प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाएगा।
वर्जन
- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और यहां तक कि सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ी-पटरी वालों का मुख्य खर्च ईंधन ही होता है। सिलिंडर के दाम बढ़ने से थाली, स्नैक्स और चाय-कॉफी के दाम बढ़ सकते हैं।
- हरजिंदर सिंह, अध्यक्ष प्रयागराज होटल एवं रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन
जो लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खाना मंगवाते हैं या बेकरी (ब्रेड, बिस्किट, केक) उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी अधिक कीमत चुकानी होगी क्योंकि इन व्यवसायों में भारी मात्रा में कमर्शियल गैस का उपयोग होता है।
- महेंद्र गोयल, प्रदेश अध्यक्ष, कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
एमएसएमई सेक्टर और छोटे कारखाने जो एलपीजी का उपयोग करते हैं, उनकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। जब सामान बनाने की लागत बढ़ेगी, तो वे उत्पाद बाजार में महंगे बिकेंगे।
- राजीव नायर, अध्यक्ष नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
पेट्रोल-डीजल के दाम अभी स्थिर हैं, लेकिन गैस की इस बड़ी वृद्धि से सप्लाई चेन में दबाव आता है। अगर आने वाले दिनों में ईंधन के अन्य विकल्पों पर भी असर पड़ता है, तो माल ढुलाई महंगी होने से फल-सब्जी और राशन के दाम भी बढ़ सकते हैं।
- धनंजय सिंह, अध्यक्ष, मुंडेरा व्यापार मंडल।
इस तरह से बढ़े
जनवरी 2026 : 1867.50
फरवरी 2026 : 1916.50
मार्च 2026 : 1944.50
अप्रैल 2026 : 2254.50
मई 2026 : 3,247

हरजिंदर सिंह

हरजिंदर सिंह

हरजिंदर सिंह