शौक और जुनून ने अंकित को बनाया इंजीनियर से एथिकल हैकर, साइबर संसार के हर ताले की चाबी है इनके पास
- साइबर सुरक्षा की दुनिया में हासिल किया है एक मुकाम, महीने में करते हैं लाखों की कमाई
- संगमनगरी में जन्में अंकित बग क्राउड के वैश्विक लाइव हैकिंग इवेंट 2021 में है दूसरा स्थान
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विस्तार
शहर के धूमनगंज इलाके में रहने वाले अंकित सिंह के पिता राम बहादुर सिंह एयरफोर्स से रिटायर हैं। उनका ननिहाल बैरहना में है। अंकित की शुरुआत से इंटर तक की पढ़ाई अमृतसर के केंद्रीय विद्यालय से हुई है। क्योंकि उनके पिता की तैनाती वहां थी। पिता के रिटायरमेंट के बाद वह अपनी मां नीलम सिंह, बड़ी बहन नेहा सिंह के साथ प्रयागराज आ गए। यहां उन्होंने शुआट्स में बीटेक कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया। उनका कहना है कि इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के दौरान वह इंटरनेट पर कॉलेज के बारे में सर्च कर रहे थे।
इसी दौरान उन्हें पाकिस्तानी एथिकल हैकर रफे बलौच की एक पुस्तक हाथ लगी। उसे पढ़कर उनका रुझान इस तरफ हुआ और वह इंटरनेट पर इसके बारे में पढ़ने और जानकारी हासिल करने लगे। बीटेक की पढ़ाई के दौरान 2012 में अंकित के एक दोस्त ने भारत के एथिकल हैकर अंकित फाडिया की पुस्तक ‘नेटवर्क सिक्योरिटी: हैकर्स पर्सपेक्टिव’ दी। किताब की छाया प्रति कराकर उन्होंने किताब पढ़ी।
अंकित फाडिया भारत के डिजिटल इंडिया के ब्रांड एंबेसडर भी रहे हैं। बीटेक की पढ़ाई के दौरान भी अंकित सिंह अपना पूरा समयएथिकल हैकिंग के बारे में इंटरनेट पर नई-नई चीजों के बारे में जानकारी जुटाते रहते। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह हैदराबाद की एक कंपनी में नौकरी करने लगे। लेकिन अपने शौक को बरकरार रखा। जब उन्हें मौका मिलता। वह इस काम में जुट जाते और नामी कंपनियों की वेबसाइट पर बग खोजने लगते।
क्या है बग और एथिकल हैकर
आप अक्सर सुनते हैं कि इस संस्थान की वेबसाइट को साइबर शातिरों ने हैक कर लिया। वेबसाइट की वह कमी या त्रुटि जिसके चलते वेबसाइट हैक होती है। उस खामी(कमी, त्रुटि) को बग कहते हैं। एथिकल हैकर वह होते हैं, जो लीगल तौर पर किसी भी वेबसाइट पर जाकर उनकी कमी (बग) को खोजते हैं और उसे बताते हैं। साथ ही बताते हैं कि इस कमी को कैसे दूर किया जा सकता है। ताकि वेबसाइट को हैक होने से बचाया जा सके।
विभिन्न मंत्रालयों के लिए भी किया है काम
अंकित ने बताया कि वह भारत की विभिन्न मंत्रालयों की वेबसाइट की सुरक्षा टीम से भी जुड़े रहे हैं। वह भारत सरकार की प्रमुख वेबसाइट एनआईसी की साइबर सिक्योरिटी टीम का भी हिस्सा रहे हैं।
अंकित के मुताबिक 2017 में माइक्रोसॉफ्ट ने उन्हें एक बग निकालने पर सात हजार अमेरिकी डॉलर से पुरस्कृत किया। यूनाइटेड एयरलाइंस ने अपने बग बाउंटी अधिग्रहण के भीतर सुरक्षा कमजोरियों (बग) की रिपोर्ट करने पर 7 लाख 50हजार माइलेजप्लस माइल्स की मुफ्त यात्रा से पुरस्कृत किया। इसके अलावा पूर्व में वह एप्पल, याहू, टिवटर, अमेजन, आईबीएम समेत कई दिग्गज कंपनियों को सुरक्षा खामियों (बग) की सूचना दी है। वह अब तक लगभग छह सौ खामियां (बग) खोज चुके हैं।
वैश्विक लाइव हैकिंग इवेंट 2021 में मिला दूसरा स्थान
हाल ही में जुलाई 2021 में बग क्राउड (www.bugcrowd.com) के सहयोग से ओक्टा (www.okta.com) द्वारा वैश्विक लाइव हैकिंग इवेंट (Okta Bug Bash 2021) में दूसरा स्थान मिला साथ ही सबसे दिलचस्प बग (त्रुटि) पुरस्कार भी मिला ।उन्हे इवेंट के दौरान पुरस्कारके रूप में 20,900 अमेरिकी डॉलर से पुरस्कृत किया गया। पहले स्थान पर रहे ऑस्ट्रेलिया के एक दिग्ज एथिकल हैकर और तीसरे स्थान पर रहेयूक्रेन से एक रिसर्चर।
कई प्रतिष्ठित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एथिकल हैकिंग और साइबर सुरक्षा पर कर चुके हैं कार्यशाला
अंकित के मुताबिक वह साइबर सेल के अधिकारियों और भारत के कई प्रतिष्ठित कॉलेजों और विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला कर चुके हैं। वह बिरला इंस्टीट्यूट, एनआईटी सिक्किम, एमएनएनआईटी इलाहाबाद आदि में कार्यशाला कर चुके हैं।
मार्शल आर्ट में ग्रीन बेल्ट हैं अंकित
अंकित ने बताया कि खेलों में उन्हें मार्शल आर्ट पसंद है। वह ताइक्वांडो में ग्रीन बेल्ट हैं। इसके अलावा उन्हें संगीत सुनने का शौक है। उन्हे महाभारत देखने और समझने का भी बहुत शौक है। उनका कहना है कि महाभारत हर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन से कुछ ना कुछ मेल खाती है।
काम में एकाग्रता के लिए करते हैं ध्यान
अंकित सिंह का कहना है कि वह प्रतिदिन ध्यान करते हैं और अध्यात्म में विशेष रुचि रखते हैं। वह लैपटॉप पर घंटों काम करते हैं। ऐसे में वह अपने काम में एकाग्रता बनाए रखने के लिए ध्यान करते हैं। वह जिस पेशे से जुड़े हैं,उसमें एकाग्रता बहुत जरूरी होती है।