UPESSC : असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को लेकर हाईटेक सुरक्षा, 53 केंद्रों पर 82 हजार अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा और पारदर्शिता के इंतजाम किए गए हैं।
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उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को लेकर इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा और पारदर्शिता के इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश के छह प्रमुख शहरों में बनाए गए 53 परीक्षा केंद्रों पर 18 और 19 अप्रैल को 82,876 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग और परीक्षा केंद्रों से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों से ‘नो रिलेशन सर्टिफिकेट’ लिया गया है। साथ ही उनके मोबाइल नंबर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा एकत्र कर सर्विलांस पर रखे गए हैं।
सूत्रों के अनुसार परीक्षा से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी की जा रही है और सभी जिलों में एसटीएफ की टीमें सक्रिय हो चुकी हैं।33 विषयों में 910 पदों के लिए आयोजित हो रही इस परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोग ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं और सभी केंद्रों पर एआई कैमरों से निगरानी की जा रही है। परीक्षा प्रक्रिया में शामिल आयोग के कर्मचारियों, सदस्यों, केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों से लिखित घोषणा ली गई है कि उनके परिवार का कोई सदस्य परीक्षा में शामिल नहीं हो रहा है।
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए इस बार मल्टीपल सेट में प्रश्नपत्र भेजे गए हैं। किस सेट से परीक्षा होगी, इसका चयन कंप्यूटरीकृत प्रोग्राम के जरिए अंतिम समय पर किया जाएगा। इतना ही नहीं, एक ही कक्ष में बैठे अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रश्नपत्र दिए जाएंगे। पूरे सिस्टम में रैंडमाइजेशन लागू किया गया है, जिससे एक ही परिवार, गांव या मोहल्ले के अभ्यर्थी एक साथ न बैठ सकें। दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए शासन की गाइड लाइन के अनुसार विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
ओएमआर से होगी उपस्थिति दर्ज
आयोग ने पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभ्यर्थियों की उपस्थिति ओएमआर शीट के माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था लागू की है। यह प्रयोग सफल होने पर इसे अन्य परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा।
प्रदेश के छह शहरों के 53 केंद्रों पर 18 और 19 अप्रैल को दो पालियों में परीक्षा होगी। जिन लोगों पर संदेह है, उनके मोबाइल नंबर एसटीएफ ने निगरानी में लिए हैं। इस बार किसी भी दागी संस्थान को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और पारदर्शी व्यवस्था के तहत कराई जाएगी। - प्रशांत कुमार, अध्यक्ष उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग