फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court summons Director of Secondary Education personally; Court stern over issuance of incorrect order.

UP : हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा के निदेशक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया, गलत आदेश पारित करने पर कोर्ट सख्त

Fri, 14 Aug 2026 04:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Aug 2026 04:48 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानाचार्य पद के वेतन भुगतान से जुड़े मामलों में जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) की ओर से बार-बार गलत आदेश पारित किए जाने पर नाराजगी जताई है।

विज्ञापन
High Court summons Director of Secondary Education personally; Court stern over issuance of incorrect order.
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानाचार्य पद के वेतन भुगतान से जुड़े मामलों में जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) की ओर से बार-बार गलत आदेश पारित किए जाने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इसे अवमाननापूर्ण करार देते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ ने दिया है।

विज्ञापन


याची स्मिता तिवारी की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पूर्व में हाईकोर्ट ने वीरेश चंद्र मिश्रा प्रकरण में निर्धारित कानूनी सिद्धांत के आधार पर डीआईओएस को आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि याची को प्रधानाचार्य पद का बकाया और वर्तमान वेतन तीन माह के भीतर भुगतान किया जाए। इसके बावजूद हाईकोर्ट के एक पुराने एकलपीठ के फैसले के आधार पर आदेश पारित किए जा रहे हैं जिसे विशेष अपील में संशोधित किया जा चुका है।
विज्ञापन


कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि उसके समक्ष ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिनमें विभिन्न डीआईओएस हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद गलत आदेश जारी कर रहे हैं। इससे पहले प्रमोद कुमार व अन्य के मामले में भी अदालत ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से हलफनामा दाखिल करने को कहा था। सुनील कुमार मिश्रा के मामले में भी अदालत इस मुद्दे पर संज्ञान ले चुकी है। हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि अधिकारी अदालत के आदेशों और वीरेश चंद्र मिश्रा प्रकरण में निर्धारित कानूनी स्थिति की अवहेलना क्यों कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed